
कोटली (मंडी)। देश और दुनिया से कट चुके किन्नौर जिला के सांगला में तुंगल घाटी के अनेकों लोग फंसे हुए हैं। टैक्सी चलाकर अपनी आजीविका कमाने वाले कई टैक्सी चालक पिछले 10 दिन से सांगला में फंसे हुए हैं। ये सभी पर्यटकों को किन्नौर घूमने ले गए थे। उनके साथ गए कोलकाता के कुछ पर्यटक भी वहीं फंसे हुए हैं। तुंगलघाटी की ग्राम पंचायत धन्यारा के कुश्मल गांव निवासी सूरजमणी ने बताया कि उनका बेटा विजय टैक्सी चला कर आजीविका कमाता है। वह अपनी टैक्सी से कुछ पर्यटकों को किन्नौर की सैर के लिए गया था, लेकिन 15 जून को हुई मूसलाधार बारिश से हुई तबाही एवं सड़कें बंद हो जाने से वहीं फंस गया है। वे अपने बेटे की सलामती को लेकर परेशान हैं। सूरजमणी ने प्रशासन एवं सरकार से गुहार लगाई है कि वे सांगला में फंसे लोगों को निकालने में सहायता करें। इधर, विजय के मोबाइल पर सांगला में संपर्क करने पर उसने बताया कि उसके साथ सैकड़ों टैक्सी चालक पिछले कई दिन से वहां फं से हुए हैं। जिनमें कोटली क्षेत्र के धनदेव, सूरज तथा टेक चंद भी शामिल हैं। वे सभी एक होटल में रुके हैं, लेकिन वहां पीने के पानी, बिजली आदि की कोई व्यवस्था नहीं है। जबकि खाने का सामान और रसोई गैस आदि भी खत्म होने को है। उनके साथ गए कोलकाता के पर्यटक एके देव, एमके घोष और एस चक्रवर्ती ने बताया कि उन्हें 16 जून को किन्नौर से निकलना था और 20 जून को दिल्ली से उनकी ट्रेन थी, लेकिन 15 जून को हुई तबाही ने उनका सारा कार्यक्रम चौपट कर दिया। अब वे लोग वहां फंसे हुए हैं। सात दिन से उन्हें यह कहा जा रहा है कि अगले दिन हेलीकाप्टर से उन्हें निकाला जाएगा, लेकिन अब तक ऐसा कुछ भी नहीं हो पाया है। साफ मौसम के बावजूद सड़क निर्माण का भी कोई कार्य नजर नहीं आ रहा है।
