
बिलासपुर। सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) के तहत पिछले आठ वर्षों से सेवाएं दे रहे कंप्यूटर शिक्षकों ने उन्हें नए सिरे से नियुक्ति न मिलने पर गहरा रोष जताया है। गत 31 मार्च को अनुबंध समाप्त होने के बाद बेरोजगार हुए कई शिक्षकों का कहना है कि सरकार के निर्देशों के बावजूद संबंधित संस्था उन्हें नियुक्ति नहीं दे रही है। उन्होंने चेताया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर बाकी बचे शिक्षकों को नियुक्ति न दी गई तो वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
बिलासपुर में आयोजित बैठक में कहा गया कि सर्व शिक्षा अभियान के तहत वर्ष 2005 में 282 कंप्यूटर शिक्षक और 12 जिला समन्वयक नियुक्त किए गए थे, जिनका अनुबंध गत 31 मार्च को खत्म हो गया। उसके बाद सरकार ने एक संस्था को उन्हें नियुक्ति देने के आदेश दिए थे। सरकार के आदेशों के बावजूद लगभग 50 शिक्षकों को नियुक्ति नहीं मिल पाई है। कई स्थानों पर नए अध्यापक रख दिए गए हैं, जिसके चलते पिछले आठ वर्षों से सेवाएं दे रहे शिक्षक बेरोजगार हो गए हैं। इससे उनका भविष्य अंधकारमय हो गया है।
बेरोजगार हुए कंप्यूटर शिक्षकों ने सरकार व उच्च शिक्षा विभाग से मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। बैठक में प्रस्ताव पारित कर निर्णय लिया गया कि यदि एक सप्ताह के भीतर बाकी बचे शिक्षकों को नियुक्ति न मिली तो न्यायालय जाएंगे। साथ ही भरती प्रक्रिया की जांच की मांग भी उठाई जाएगी। बैठक में अमरनाथ, रोहित, राजेंद्र शर्मा, शशिपाल, राकेश, अशोक, रितु कौंडल, राजेश कुमार, मंजुला, देवेंद्र ठाकुर, प्रोमिला, विजय कुमारी, मोनिका, सीमा शर्मा, आशा, राजेश, कुसुम व रेणु आदि ने भाग लिया।
