
शाहतलाई (बिलासपुर)। बीज उत्पादन के लिए चयनित भगतपुर के कई किसानों को इस बार नुकसान उठाना पड़ा है। किसानों को गेहूं की पैदावार बेहतर होने के बावजूद भी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। इस बार गेहूं की फसल (बीज) का सैंपल फेल हो गया। गेहूं की बीजाई के दौरान कृषि विभाग द्वारा ही यह बीज वितरित किया गया था। उन्होंने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मांग की है कि किसानों की लागत को देखते हुए कम से कम 15 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर राहत प्रदान की जाए।
विकास खंड झंडूता के अंतर्गत गांव भगतपुर के करीब 150 किसान गेहूं की बेहतर पैदावार करते हैं। कृषि विभाग के तहत केवल एक दर्जन किसानों की फसल के ही सैंपल पास हो पाए हैं। इससे अन्य किसानों में मायूसी छाई हुई है। भगतपुर के किसान रोशन लाल चंदेल, सीता राम ठाकुर, मानेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, प्रकाश चंद, केहर सिंह, काकू, जागीर सिंह, सरवण सिंह, मान सिंह, ओंकार शर्मा, केके शर्मा सहित अन्य ने कहा कि करीब 70 क्विंटल बीज खरीदा गया था। हर वर्ष कृषि विभाग किसानों का पंजीकरण करता है। पंजीकरण फीस किसान के हिसाब से नहीं बल्कि प्रति 40 किलोग्राम के बैग से से 165 रुपए की वसूली जाती है। यदि किसान 20 बैग बीज के खरीदता है तो इनकी अलग से रजिस्ट्रेशन फीस अदा करनी पड़ती है। दो किलोग्राम सैंपल की 25 रुपए अलग से अदा करने पड़ते हैं। वहीं, बेहतर बीज तैयार करने के लिए दवाइयों का अलग खर्चा करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि विभाग ने कई बार खेतों का निरीक्षण किया। सामान्य फसल प्रमाण पत्र भी जारी किया। इसमें किसी भी बीमारी का नहीं होना बताया गया है। कृषि विभाग उस दौरान ही इस बारे में अवगत करवा देते तो आज किसानों को कम रेट पर अपनी पैदावार नहीं बेचनी पड़ती। कृषि विभाग बिलासपुर के उप निदेशक जीसी लखनपाल ने कहा कि फसल का सैंपल टैस्ट के लिए मंडी लैब को भेजा गया था। जहां पर सैंपल फेल हो पाया गया।
