रहेगी या जाएगी कुर्सी, फैसला आज

देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। प्रदेश में सरकार बदलते ही पंचायत समिति परागपुर के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जे के लिए कांग्रेस और भाजपा के बीच रस्साकसी का खेल शुरू हो गया है। वर्तमान में पंचायत समिति परागपुर के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कुर्सी पर भाजपा समर्थित बैठे हुए हैं। लेकिन इन्हें हटाने के लिए कांग्रेस समर्थित बीडीसी सदस्यों ने बीडीओ परागपुर को अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। इस पर चर्चा के लिए 25 जून को बैठक बुलाई गई है।
मंगलवार को अध्यक्ष नीलम कुमारी और उपाध्यक्ष कमलेश शर्मा के लिए काफी महत्वपूर्ण होगा। क्योंकि आज फैसला हो जाएगा कि उनकी कुर्सी सलामत रहेगी है या जाएगी। वर्तमान में पंचायत समिति परागपुर में 32 सदस्य हैं। बहुमत के लिए 22 सदस्यों का समर्थन होना जरूरी है। वर्ष 2010 में हुए ब्लॉक समिति के चुनावों के बाद अध्यक्ष पद महिला बीडीसी के लिए आरक्षित होने के कारण अध्यक्ष पद पर नीलम कुमारी और उपाध्यक्ष पद पर कमलेश शर्मा को चुना गया था। उस समय प्रदेश में भाजपा सरकार सत्ता में थी। लेकिन अब प्रदेश में कांग्रेस सरकार होने के कारण समीकरण बदल गए हैं और कांग्रेस पंचायत समिति परागपुर में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर कब्जा जमाने की पूरी फिराक में है। इसके लिए कांग्रेस ने मुहिम छेड़ दी है। सूत्र बताते हैं कि परदे के पीछे से अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कुर्सी बचाने के लिए भाजपा विधायक विक्रम ठाकुर भी मंडी लोस चुनाव समाप्त होने के बाद क्षेत्र में पहुंचकर सक्रिय हो गए हैं। वहीं विधायक निखिल राजौर भी बीडीसी परागपुर के दोनों अहम पदों पर कांग्रेस समर्थित बीडीसी सदस्य को देखना चाहते हैं। बहरहाल पेश किए अविश्वास प्रस्स्ताव पर मंगलवार को तस्वीर साफ हो जाएगी।
उपाध्यक्ष कमलेश शर्मा का कहना है कि उन्हें विश्वास मत प्राप्त है। अविश्वास मत पेश करने वाले औंधे मुंह गिरेंगे। उधर, कार्यकारी बीडीओ परागपुर मनीष कुमार ने पुष्टि करते हुए कहा कि 25 जून को पंचायत समिति अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई है। इसकी सूचना पंचायत समिति सदस्यों को दे दी गई है।

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