चुनाव बहिष्कार पर दोनों दल आमने-सामने

कुल्लू। कुल्लू और लाहौल-स्पीति के चार गांवों के सैकड़ों मतदाताओं के मतदान न करने पर सियासत गरमा गई है। दोनों राजनीतिक दल चुनाव बहिष्कार के लिए एक दूसरे को दोषी ठहरा रहे हैं। कुल्लू जिला के मनाली क्षेत्र के सोलग गांव के 265 और मणिकर्ण क्षेत्र के पुलगा गांव के 346 वोटरों ने सड़क तथा अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर चुनाव का बहिष्कार किया।
लाहौल घाटी की नालडा पंचायत के नालडा और जसरथ गांव के 347 मतदाताओं ने चुनाव का बहिष्कार किया था। इन गांवों के लोगों ने पुल निर्माण का काम इस साल शुरू न होने और सड़क सुविधा न मिलने पर चुनाव का बहिष्कार किया था। इसके अलावा बिरणी बूथ पर भी 253 मतदाताओं में से केवल 12 ने ही वोट डाले हैं।

बहिष्कार के लिए भाजपा जिम्मेदार
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा के पांच वर्ष के शासनकाल में कुल्लू जिला में विकास कार्य पूरी तरह ठप रहा। कांग्रेस सरकार इन गांवों को सुविधाएं प्रदान करने का प्रयास कर रही हैं। इनकी समस्या को जोरदार तरीके से उठाया जाएगा।
बहिष्कार के बजाए खिलाफ में करते मतदान
भाजपा के जिलाध्यक्ष गोविंद ठाकुर ने कहा कि लोगों को चुनाव का बहिष्कार करने के बजाय जिस दल के खिलाफ उनमें रोष है, उसके खिलाफ मतदान करना चाहिए था। कहा कि भाजपा के शासन में हर गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने का प्रयास किया है। सोलंग गांव की सड़क केंद्र से स्वीकृति न मिलने से लटकी थी। इसे अब स्वीकृति मिल चुकी है। कांग्रेस ने छह माह के कार्यकाल में जिले में विकास कार्य ठप पड़े हैं।
चुनावी बहिष्कार के लिए भाजपा जिम्मेवार
लौहल स्पीति के विधायक रवि ठाकुर ने कहा कि नालडा और जसरथ गांवों के चुनाव बहिष्कार के लिए पूर्व भाजपा सरकार जिम्मेदार है। पुल का टेंडर होने के बावजूद पूर्व सरकार ने काम को बीच में बंद कर दिया था। नालडा गांव को जाने वाली सड़क के लिए भाजपा सरकार ने वन विभाग से एनओसी नहीं ली है। मौजूदा कांग्रेस सरकार नालडा पुल के निर्माण को लेकर गंभीर है। चुनाव आचार संहिता हटते ही विभाग पुल का नए सिरे से टेंडर आमंत्रित करने जा रही है।
सरकार के खिलाफ होंगे प्रदर्शन
जनजातीय मोर्चा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष युवराज बौद्ध ने कहा कि नालडा पुल का काम भाजपा कार्यकाल में चला था। लेकिन कांग्रेस के कार्यकाल में पुल का काम शुरू नहीं हुआ। इस कारण लोगों ने चुनावों का बहिष्कार किया। लोगों की मांगों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ धरने-प्रदर्शन भी किए जाएंगे।

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