
रामपुर बुशहर। प्राचीन एवं ऐतिहासिक नोगली मेला मंगलवार से मनाया जाएगा। वर्षा ऋतु के आगमन की खुशी में मनाए जाने वाले मेले में शिमला और कुल्लू जिले के आधा दर्जन से अधिक देवी-देवता शामिल होंगे। मेला कमेटी ने मेले के सफल आयोजन के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। मेला कमेटी अध्यक्ष एवं भड़ावली पंचायत के प्रधान कृष्ण गोपाल भारद्वाज ने बताया कि मंगलवार को दोपहर बाद मेला स्थल पर देवी-देवताओं का आगमन शुरू होगा। मेला कमेटी की ओर से देवी-देवताओं का भव्य स्वागत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कमेटी ने मेले के लिए डेढ़ दर्जन देवताओं को निमंत्रण भेजा था। इनमें से आठ देवी-देवताओं के मेले में आना सुनिश्चित हो गया है।
इनमें मेजबान देवता लक्ष्मी नारायण कुमसू, देवी साहिबा बाड़ी, शलाट देवता, देवता सूमा, चंभू देवता कशोली, नरसिंह देवता शिंगला, देवता डंसा और छोटू देवता शामिल हैं। उन्होंने बताया कि यह मेला वर्षा ऋतु के आगमन की खुशी में हर साल धूमधाम से मनाया जाता है। पहले दिन देवताओं का स्वागत होगा और अगले दो दिन में यहां नाटी का दौर चलेगा। मेला कमेटी ने देवी-देवताओं को दी जाने वाली नजराना राशि में इस बार भी पांच से दस प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। देवताओं के रहन-सहन की भी उचित व्यवस्था की गई है। मेले में नोगली ही नहीं, बल्कि पूरे रामपुर उपमंडल समेत कुल्लू जिले के निरमंड और आसपास के इलाकों के लोग भी भाग लेते हैं। यहां पर लोगों को एक साथ कई देवी-देवताओं के दर्शन करने का अवसर प्राप्त होने के साथ ही वे नाटी का भी लुत्फ उठाते हैं।
