
पिथौरागढ़। जिले के प्रभारी मंत्री दिनेश अग्रवाल ने रविवार को सड़क मार्ग से पिथौरागढ़ पहुंचकर राहत और बचाव कार्य की जानकारी हासिल की। उन्होंने अत्यधिक प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू टीम तैनात करने और जरूरी मदद पहुंचाने के निर्देश दिए।
हवाई पट्टी में अधिकारियों की बैठक लेते हुए मंत्री ने घोड़े, खच्चरों और मजदूरों के माध्यम से राशन पहुंचाने, प्रभावितों को सुरक्षित रखने के लिए भोजन, दवा, रहने के लिए टैंट के साथ ही संचार सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। डीएम नीरज खैरवाल ने मंत्री को बताया कि छियालेख से दो बीमार लोगों को निकाल लिया है। तेजम से 43 लोगों को निकाल कर सुरक्षित धारचूला पहुंचा दिया गया है। मिलम चौकी से अब तक सौ लोगों को राहत शिविर तक पहुंचा दिया गया है। प्रभावितों को कंबल, तिरपाल, प्लास्टिक सीट के साथ ही अन्य उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।
दारमा के 11, जोहार के 8 गांवों के पैदल रास्तों को ठीक कर दिया गया है। जौलजीबी के खतरे वाले स्थानों में वायरक्रेट दीवार तैयार की जा रही है। दुग्तू में सितंबर तक का राशन डंप है। सोबला में 250 परिवार आईटीबीपी और सेना के राहत शिविरों में रह रहे हैं। बताया कि 5,6 दिन में धारचूला को सड़क से जोड़ दिया जाएगा। सेना ने 10 सदस्यीय चिकित्सा दल मिलम भेजा है। आईटीबीपी के कमांडेंट रणवीर सिंह ने बताया कि कैलास मानसरोवर और छोटा कैलास यात्री गुंजी में सुरक्षित हैं।
