
ऊना। राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के लागू होते ही कई छात्रों के भविष्य पर संकट आ गया है। ऊना कॉलेज में कॉमर्स विषय में पढ़ाई करने का सपना देखने वाले लगभग 180 छात्रों के भविष्य पर तलवार लटक गई है। ये छात्र जमा दो में वाणिज्य संकाय में लगभग 65 फीसदी तक अंक जुटाने के बावजूद अपने विषय से बाहर कर दिए गए हैं। कॉलेज प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार ऊना महाविद्यालय में लगभग 300 छात्रों ने कॉमर्स विषय के लिए आवेदन दिया था, लेकिन बीकॉम प्रथम वर्ष में मात्र 120 सीटें होने के चलते अन्य 180 के आवेदनों को रद कर दिया गया है। उन्हें अब न चाहते हुए भी आर्ट्स विषय में स्नातक की डिग्री हासिल करनी होगी। इस मौके पर विषय परिवर्तन करना भी उनके लिए घातक सिद्ध हो सकता है।
रूसा के रूप में छात्रों पर थोपे गए कानून से हजारों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। ऊना कॉलेज में कॉमर्स विषय से वंचित रहे छात्रों मनोज कुमार, रीना कुमारी, सुनीता शर्मा, पूनम कुमारी, पूजा ठाकुर, सुनील कुमार, अजय सिंह, राहुल ठाकुर, विनीता कुमारी आदि ने बताया कि एकाएक रूसा का आना तूफान से कम नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस नियम को लागू करने से पहले छात्रों को कम से कम दो वर्ष का समय दिया जाना चाहिए था। जिससे वे उसी तरीके से विषयों की तैयारी कर पाते। छात्रों के अभिभावकों सतीश कुमार, मेहर सिंह, सुभाष चंद्र शर्मा, धनी राम, सरला देवी, सुषमा रानी, सुभद्रा कुमारी, जोगिंद्र सिंह और राजकुमार का कहना है कि रूसा को तुरंत प्रभाव से वापस ले लेना चाहिए।
कॉलेज प्राचार्य डा. एसके चावला का कहना है कि वह केवल उन आदेशों का पालन कर रहे हैं जो उन्हें उच्चाधिकारियों की ओर से दिए गए हैं। रूसा को लागू किया गया है तो वह उसी के अनुसार दाखिला प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे।
