विद्यार्थियों पर भारी शिक्षकों का टोटा

अंब (ऊना)। स्थानीय महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज में कुछ दिनों से एडमिशन को लेकर कशमकश चल रही है। इस बार कॉलेज के हर विभाग में सीटें कम होने के कारण कई छात्रों को एडमिशन नहीं मिल पाई है। ऐसे में क्षेत्र के सैकड़ों छात्रों का भविष्य अंधेरे में है। सीटें कम भरे जाने का मुख्य कारण शिक्षकों के पद रिक्त होना बताया जा रहा है। राकेश, विविध, सोमेश, प्रणव, आदित्य, साहिल, प्रियंका, नीतिका, कनिका, आराधना, कोमल, सौरभ, कमल, महेश, हेमंत और सोनिया छात्रों का कहना है कि वे कई दिनों से कॉलेज का चक्कर लगा रहे हैं बावजूद इसके उन्हें एडमिशन नहीं मिल पाई है।
पूछने पर ज्ञात हुआ कि कॉलेज में शिक्षकों की कमी की वजह से यह निर्णय कॉलेज प्रशासन की ओर लिया गया है कि सीटों पर अन्य कालेजों से कम दाखिला किया जाएगा। दूसरी ओर इस बार कॉलेज में वाणिज्य संकाय की 60 सीटें ही भरी गई हैं। रूसा के आधार पर ऊना एवं दौलतपुर चौक कॉलेज में 120 सीटों पर दाखिला दिया गया है। कालेज में इतिहास विभाग में 15, अंग्रेजी विभाग में 53, संस्कृत विभाग में 35, राजनितिक शास्त्र में 33, हिंदी में 22, अर्थशास्त्र में 25, म्यूजिक में 50, गणित में 59, बीएससी के रसायन विज्ञान में 16, गणित में 20, बॉटनी में 50 और भू विज्ञान में 48 सीटें रिक्त हैं। एवीवीपी की अंब इकाई के संयोजक पूर्ण गौतम, रजत, हेमंत, नवीन ठाकुर, शुभम, आमिर खान, विशाल, तरुण और मनी ने विवि से मांग की है कि अन्य कॉलेजों की तरह अंब में भी प्रथम वर्ष में 120 सीटों पर एडमिशन मिले। इसके अलावा उन्हाेंने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मांग की है कि कॉलेज में रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरा जाए जिससे क्षेत्र के छात्रों को कहीं और न भटकना पड़े। कॉलेज के प्राचार्य एसके पाठक ने शिक्षकों की कमी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में विभाग को पहले ही सूचित कर दिया गया है। यदि कालेज के रिक्त पदों पर शिक्षकों की तैनाती हो जाती है तो 60 के बजाय 120 सीटों पर दाखिला संभव है।

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