आपदा को लेकर भारत से करेंगे वार्ता : खिलराज

धारचूला। नेपाल के प्रधानमंत्री खिलराज रैगभने ने शुक्रवार को भारतीय सीमा से लगे आपदाग्रस्त दारचूला जिले का दौरा किया। उन्होंने कहा कि काली नदी से हुए भारी कटाव ने नेपाल के साथ ही भारत के कई भागों को भारी नुकसान पहुंचाया है। कहा कि धौलीगंगा विद्युत परियोजना को बचाने के लिए वह स्वयं भारतीय विदेश मंत्रालय से वार्ता करेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अतिवृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई के लिए सभी मुमकिन कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने नदी के किनारे तटबंध बनाने और बाढ़ से बचाव के लिए 50 करोड़ रुपये की स्वीकृति का ऐलान किया। उन्होंने दुग्तू से सील बगड़ तक हवाई सर्वे भी किया। बाद में दारचूला में प्रधानमंत्री रैगभने ने कहा कि इस अतिवृष्टि ने क्षेत्र की कमर तोड़ दी है। इससे निपटने के लिए दीर्घकालिक उपाय किए जाएंगे। कर्मचारियों को राहत कार्य में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।
नेपाल के पीएम ने आपदा के समय में दोनों देशों के नागरिकों से सौहार्द बनाने की अपील की। कहा कि रोटी-बेटी के रिश्ते वाले भारत-नेपाल के सीमावर्ती इलाके के लोग संकट में एक-दूसरे की जरूरत को पूरा करें। नेपाल में उपलब्ध सब्जी, दूध सहित अन्य सामग्री को सीमा पार धारचूला के लोगों को दें और भारतीय क्षेत्र से आने वाले राशन आदि नेपाल के लोगों को देने का आग्रह किया। पीएम के साथ गृह और विदेश मंत्री माधव गिमरे, लोनिवि मंत्री उमाकांत झा, संसदीय मंत्री छवि राम पंत के अलावा मुख्य सचिव नीलामणि पढेल आदि थे।

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