
मनाली। उझी घाटी में प्रस्तावित हिमालयन स्की विलेज के मैनेजिंग डायरेक्टर जान सिम्स की तरफ से पूर्व मुख्यमंत्री के नाम से एक खुला पत्र जारी किया गया है। इस पत्र में जान सिम्म के नाम से भाजपा सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री पर स्की विलेज के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेंकने के आरोप लगाए हैं। पत्र में बताया है कि स्की विलेज परियोजना लगभग 2000 करोड़ की लागत से बननी थी। इसमें हिमाचल प्रदेश के लगभग 3500 बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलना था। पूर्व मुख्यमंत्री को लिखे 4 पन्नों के खुले पत्र में प्रेम कुमार धूमल पर प्रदेश की जनता को धोखा देने का आरोप भी लगा रखा है। स्की विलेज के निदेशक अजय डाबरा ने माना की प्रबंधन की ओर से इस तरह का पत्र जारी हुआ है।
उन्होंने कहा है कि भाजपा ने हमेशा प्रचार किया है कि परियोजना को प्रदेश सरकार ने 6000 बीघा जमीन मंजूर की है। परियोजना के निर्माण से साठ हजार एकड़ भूमि प्रभावित होगी। सच्चाई यह है कि परियोजना को मात्र 17.3 हेक्टेयर सरकारी भूमि की आवश्यकता है। स्की विलेज को मिलने वाली भूमि पर रोप वे और स्की जैसी साहसिक गतिविधियों का प्रावधान किया जाना था। उन्होंने कहा है कि भाजपा के आला नेता हिमालयन स्की विलेज निर्माण के लिए रोहतांग से लेकर चंद्रखणी का क्षेत्र बता रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि परियोजना का प्रस्तावित स्थल केवल पलचान पंचायत के कुछ एक क्षेत्र में होना है। परियोजना में 300 हट्स को विदेशियों को बेचे जाने की बात भी गलत है। स्की विलेज ने किसी भी संपत्ति को बेचने का प्रस्ताव नहीं रखा है। स्की विलेज एक टूरिज्म कंपनी है न कि रियल एस्टेट कंपनी। परियोजना के बनने से किसी धार्मिक स्थल के साथ छेड़छाड़ नहीं की जानी थी। परियोजना के निर्माण परिसर में मंदिर भी बनाए जाने थे। परियोजना के द्वारा किसी भी प्रकार का कृत्रिम बर्फ जमाने का प्रस्ताव भी नहीं है। नहीं रखा है। स्थानीय लोगों द्वारा निर्मित वस्तुओं को बेचने के लिए कुल्लू हाट की स्थापना के साथ लोगों की सहमति से तीन नए देवी देवताओं के मंदिरों का निर्माण भी होना था।
