अब उंगलियां खुलेंगी अपराधी के राज

काईस (कुल्लू)। वारदात के बाद पुलिस को ठेंगा दिखाने वाले अब उसी ठेंगे से पहचाने जाएंगे। पुलिस घाटी में आने वाले प्रवासियों की पहचान के लिए पंजीकरण के वक्त फिंगर प्रिंट भी ले रही है। घाटी में होने वाली कई वारदातों में प्रवासी लोगों का हाथ रहता है। लिहाजा वारदात के बाद अगर कोई अपराधी भेष बदल देता है तो फिंगर प्रिंट उसकी पहचान खोल देगा।
घुसपैठ रोकने और अपराधियों की पहचान के लिए पुलिस चौकन्नी हो गई है। प्रदेश में आने वाले प्रवासियों के पंजीकरण के साथ बाकायदा उनके फिंगर प्रिंट भी लिए जाएंगे। आपराधिक वारदात होने के बाद शक के आधार पर प्रवासियों के फिंगर प्रिंट मैच किए जा सकते हैं। हिमाचल पुलिस के महानिदेशक ने इस बारे प्रदेश के सभी एसपी को निर्देश जारी किए हैं। जिला में कुल्लू अन्य राज्यों से यहां पहुंच रहे मजदूरों की पंजीकरण प्रक्रिया जा रही है। मई माह में ही 392 प्रवासियों का पंजीकरण किया जा चुका है। प्रदेश में बढ़ रहे आपराधिक मामले चिंता का विषय बने हुए हैं।
एसपी डा. विनोद धवन ने घाटी में काम कर रहे मजदूरों को संबंधित पुलिस थानों, चौकियों तथा पंचायतों में पंजीकरण करवाने को कहा है। उन्हाेंने कहा कि आपराधिक वारदातों को अंजाम देने वाले ऐसे लोगों की पहचान और धरपकड़ के लिए कानूनी कार्रवाई करना जरूरी है।

Related posts