
नाहन (सिरमौर)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सेमेस्टर सिस्टम के कारण आने वाली त्रुटियों के विरोध में प्राचार्य दीक्षा मल्होत्रा के माध्यम से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को एक ज्ञापन भेजा। उन्होंने ज्ञापन में कहा कि सेमेस्टर सिस्टम के चलते प्रदेश के हजारों छात्रों को अपना ऐच्छिक विषय पढ़ने से वंचित होना पड़ेगा। प्रदेश में हर वर्ष एक लाख 25 हजार छात्र प्रथम वर्ष में प्रवेश लेते हैं, लेकिन सेमेस्टर सिस्टम के तहत सीटें निर्धारित की गई हैं। जिसके कारण 50 हजार से अधिक छात्र शिक्षा से वंचित रह जाएंगे। परिषद के पदाधिकारियों के अनुसार महाविद्यालय में 50 फीसदी शिक्षक व गैर शिक्षकों के पद खाली हैं। जिसके चलते सेमेस्टर सिस्टम में काफी परेशानी आएगी। जिन कालेजों में केवल आर्ट्स की कक्षाएं शुरू हैं उनमें रूसा के तहत सेमेस्टर सिस्टम किस तरह लागू होगा? प्रदेश के कई कालेजों में कमरों की कमी एवं हास्टल व बसों की उचित व्यवस्था न होने के कारण दूर दराज से आने वाले छात्रों को इससे परेशानी होगी।
एबीवीपी ने मांग की है कि या तो इन सभी त्रुटियों को समाप्त किया जाए या फिर सेमेस्टर सिस्टम को बंद किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में जिला संयोजक मुकेश, विकास, अशोक, सुरेंद्र सोढ़ी, राकेश, हरप्रीत कौर, प्रियंका और प्रीति सहित एबीवीपी के दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
