
शिमला। नगर निगम के तहत आने वाले वार्डों में अब बिलों के भुगतान की सुविधा मिल सकेगी। केंद्र सरकार की ई-गवर्नेंस योजना के तहत वार्ड कार्यालयों का जल्द ही कंप्यूटरीकरण हो जाएगा। जवाहर लाल नेहरू शहरी नवीनीकरण योजना के तहत सभी वार्डों के कार्यालयों को निगम के मुख्य कार्यालय से जोड़ा जाएगा। केंद्र सरकार ने जेएनएनयूआरएम के तहत नगर निगम शिमला को 11 करोड़ की राशि जारी की है। अब ई-गवर्नेंस को प्रोजेक्ट किस कंपनी को दिया जाना है, सिर्फ इसकी औपचारिकता शेष है।
ई-गवर्नेंस योजना के तहत नगर निगम शिमला के माल रोड स्थित मुख्य कार्यालय के अलावा शहर के जिन-जिन वार्डों में एमसी के आफिस हैं उन्हें इंटरनेट के माध्यम से जोड़ा जाएगा। इससे पानी, सीवरेज और विभिन्न तरह के टैक्स का भुगतान शहर के अन्य क्षेत्रों में भी हो सकेगा। निगम के कंप्यूटरीकरण होने से स्थानीय लोगों को बिलों के भुगतान में जहां आसानी होगी। वहीं कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे नगर निगम को भी राहत मिलेगी।
म्यूनिसिपल अकाउंट नंबर मिलेगा
नगर निगम शिमला से संबंधित शिकायतों को भी वार्ड कार्यालय के माध्यम से दर्ज कराया जा सकेगा। इसके लिए शहर के लोगों को म्यूनिसिपल अकाउंट नंबर दिया जाएगा। उस नंबर से ही लोग अपने बिलों और टैक्स का भुगतान करेंगे।
फाइल का स्टेट्स जांच सकेंगे
ई-गवर्नेंस योजना के चालू होने के बाद शहर के लोग नगर निगम से जुड़े अपने कामकाज का स्टेट्स भी आनलाइन जांच सकेंगे। म्यूनिसिपल अकाउंट नंबर के जरिये उपभोक्ता इंटरनेट के माध्यम से मामले की फाइल कहां पेंडिंग है, फाइल पर क्या आब्जेक्शन लगा है सहित अन्य जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे।
लाभान्वित होंगे शहरवासी : आयुक्त
नगर निगम शिमला के आयुक्त अमरजीत सिंह ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से शहरवासियों को लाभ होगा। किस कंपनी को यह काम दिया जाना है, इसको लेकर काम अंतिम चरण में है।
