
मंडी। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी पंकज राय ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय की ओर से बोरवेल, ट्यूबवेल के निर्माण के दौरान बनाए गए गड्ढों में छोटे बच्चों के गिरने की घटनाओं को रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कोई भी व्यक्ति बोरवेल या ट्यूबवेल का निर्माण करने से पहले संबंधित क्षेत्र के अधिकारी को 15 दिन पहले इसकी लिखित सूचना देगा। खुदाई करने वाली एजेंसी जिला प्रशासन या इसके लिए गठित अथॉरिटी के पास पंजीकृत होनी आवश्यक है। निर्माण या संवर्द्धन के समय संबंधित स्थान पर खुदाई करने वाली एजेंसी तथा प्रयोग करने वाली एजेंसी को बोरवेल के मालिक का पूरा पता लिखा बोर्ड लगाना होगा। कुएं के निर्माण के समय उस स्थान को तार या किसी अन्य उपयुक्त सामग्री से बाड़बंदी होनी चाहिए। कुएं को स्टील की प्लेट से वेल्ड करके या किसी मजबूत टोपी से नट बोल्ट से बंद कर देना चाहिए। पंप की मरम्मत करते समय ट्यूबवेल को खुला नहीं छोड़ना चाहिए। निर्माण कार्य समाप्त हो जाने पर उस स्थान को उसी स्थिति में लाया जाए जैसा वह पहले था। बोरवेल या ट्यूबवेल की खुदाई के बाद संबंधित विभाग नगर परिषद, जन स्वास्थ्य या भूमिगत जल विभाग से प्रमाण पत्र प्राप्त करना आवश्यक रहेगा कि खुदाई किए गए बोरवेल या ट्यूबवेल ग्राउंड स्तर तक भर दिया गया है।
