किन्नौर में 50 करोड़ का नुकसान

रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर जिले में भारी बारिश लोगों पर कहर बनकर बरसी है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार भारी बारिश से जिले में 50 करोड़ रुपये का नुकसान आंका जा रहा है। भारी बारिश से 100 मकान पूरी तरह से तबाह हो गए हैं। 50 घरों को भी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा जिले में कई स्थानों में सड़कों का निशान तक मिट गया है। प्रशासन की ओर से सेना के दो हेलिकाप्टर किराए पर लिए गए हैं। ये लोगों को घाटी से निकालने का काम करेंगे।
जिला प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार बालट्रंग में 50 लोगों को कैंप में रखा गया है। रिकांगपिओ में भी दस सैलानियों को कैंप में रखा गया है। सड़कों की हालत ऐसी है कि तीन जगह तो इसका कोई निशान तक नहीं बचा है।
किन्नौर में एचआरटीसी की करीब 35 बसें विभिन्न स्थानों में फंसी हुई हैं। उपायुक्त किन्नौर कै. जेएम पठानिया का कहना है कि सड़कों की हालत ऐसी है कि सीमा सड़क संगठन और लोक निर्माण विभाग अभी तक काम शुरू कर नहीं कर पाया है। किन्नौर के लिए दो नेशनल डिजास्टर रिलीफ फोर्स की टीमें आ रही हैं। एक टीम सांगला जाएगी और दूसरी रिकांगपिओ में रहेगी। प्रशासन ने सेना के दो हेलिकाप्टर लिए हैं। ये लोगों को घाटी से निकालने का काम कर रहे हैं।

तीन सदस्यीय दल का नहीं लगा पता
सांगला (किन्नौर)। डोडराक्वार से सांगला के लिए रवाना हुए तीन सदस्यीय दल का अभी तक कोई पता नहीं लग पाया है। तीन सदस्यों में से अभी तक कोई भी सांगला नहीं पहुंचा है। जानकारी के अनुसार शिमला निवासी पारून और संदीप अपने एक अन्य दोस्त के साथ 11 जून को डोडराक्वार से सांगला के लिए पैदल निकले थे। अभी तक वे सांगला नहीं पहुंच पाए हैं। थाना प्रभारी सांगला राजीव मेहता ने बताया कि दल की तलाश के लिए पुलिस टीम रवाना की गई है। अभी तक इस दल के बारे में कोई सूचना नहीं मिल पाई है।

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