
चंपावत/लोहाघाट/पिथौरागढ़। बारिश से पिथौरागढ़ और चंपावत की सभी आंतरिक मार्ग बंद हो गए हैं। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल्थी, धौन, बनलेख के पास लगातार मलबा गिरने से यातायात दोपहर बाद तक बंद रहा। दिल्ली, देहरादून, बरेली से पिथौरागढ़, धारचूला, डीडीहाट, थल, लोहाघाट को जाने वाली बसें दोपहर बाद तक चल्थी के पास फंसी रही। पिथौरागढ़ – अल्मोड़ा मार्ग भी कई जगह मलबा आने से बंद हो गई हैं। गोरी नदी के बहाव में बरम के घट्टाबगड़ में 500 मीटर सड़क बह गई।
चंपावत और लोहाघाट के बीच सड़क पर पेड़ गिरने से यातायात दो घंटे बंद रहा। चंपावत से मंच, तामली, खेतीखान, ललुवापानी जाने वाली सड़कें मलबे से पट गई हैं। जगह जगह उफन रहे नालों ने यातायात में ज्यादा बाधा पहुंचाई है। जिलाधिकारी दीपेंद्र चौधरी ने सड़क यातायात बहाल करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। लोहाघाट-पंचेश्वर, किमतोली-रौंसाल, पुल्ला-चमदेवल, गल्लागांव-देवलीमांफी, डिग्रीकॉलेज-गंगनौला-नसखोला, क्वांरकोली-पम्दा, बाराकोट-सिमलखेत, रामेश्वर-भनोली, सीटीएस, लोहाघाट-मायावती, मरोड़ाखान-रेगडू सड़क मार्ग बंद हो गए हैं। लोहाघाट-देवीधुरा बंद मार्ग को एडीबी ने खोल दिया है। पाटी में बीडीओ कार्यालय की छत टपकने से कार्यालय पानी से लबालब भरा हुआ है। अभियंता बीसी पंत के अनुसार सड़कों को खोलने का काम प्राथमिकता से किया जा रहा है।
पिथौरागढ़ में गोरी नदी के बहाव में बरम के घट्टाबगड़ में 500 मीटर सड़क बह गई है। डीडीहाट-दूनाकोट, डीडीहाट-आदिचौरा, बेरीनाग-गंगोलीहाट, बेरीनाग-अल्मोड़ा मोटर मार्ग में भी स्थानों में मलबा आ गया है। तल्ला बगड़, बगड़ीहाट, मदकोट, छारछुम रोड भी यातायात के लिए पूरी तरह से बंद हैं। पिथौरागढ़-झूलाघाट मार्ग गैना के पास हो गई। कनालीछीना और अस्कोट को जोड़ने वाली सड़क बंदरलीमा के पास मलबा आने से बंद हो गई। दो बजे तक मलबा हटाकर सड़क खोली गई। जिले की 15 सड़कें अब भी मलबा और बोल्डर आने से बंद हैं।
