शिक्षामंत्री के जिले में ‘उल्टी गंगा’

देहरादून। विवादों में घिरी तबादला प्रक्रिया में शिक्षा विभाग का एक और कारनामा सामने आया है। शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी के गृह जनपद के 19 स्कूल जो 10 साल पहले सुगम श्रेणी में थे अब दुर्गम घोषित हो गए हैं। इसका सीधा से मतलब है कि सुविधा संपन्न क्षेत्र अब बदहाल हो चुके हैं। इन क्षेत्रों तक सड़क जाती थी, लेकिन अब नहीं। ऐसी ही अन्य जरूरी सुविधाएं गायब हो चुकी हैं। यदि ऐसा है तो यह सरकार के लिए भी चिंता का विषय है।
तबादला नियमावली के तहत स्कूलों के वर्गीकरण के लिए दस मानक तय किए गए थे। इसमें कार्यस्थल की पैदल दूरी, सड़क मार्ग और आवागमन की सुविधाएं, चिकित्सा एवं अन्य दस सुविधाओं को आधार माना गया है। जानकारों के अनुसार क्षेत्र में विकास होने पर दुर्गम स्कूलों का सुगम श्रेणी में आना तो समझ आता है, लेकिन सुगम स्कूलों को दुर्गम घोषित करने के पीछे कुछ और ही कहानी है। टिहरी में कुछ ऐसा ही हुआ है।

‘अंकों में हुई है गड़बड़ी’
अंकों के आधार पर स्कूलों के वर्गीकरण में कुछ त्रुटियां हुई हैं, विभाग को इस तरह के कुछ प्रत्यावेदन भी मिले हैं, जिसे अगले शिक्षा सत्र में दूर किया जाएगा।-एनएस राणा, अपर निदेशक गढ़वाल मंडल

टिहरी में सुगम से दुर्गम हुए स्कूल
ब्लॉक स्कूल वर्ष 2004 वर्ष 2013
1-जौनपुर जीआईसी काटल सुगम दुर्गम
2-जौनपुर जीआईसी कैंम्टी सुगम दुर्गम
3-जौनपुर जीआईसी गरखेत सुगम दुर्गम
4-चंबा जीआईसी पांगरखाल सुगम दुर्गम
5-चंबा जीआईसी नकोट सुगम दुर्गम
6-चंबा जीआईसी ज्ञानसू सुगम दुर्गम
7-थौलधार जीआईसी उप्पू सुगम दुर्गम
8-थौलधार जीआईसी काफलपानी सुगम दुर्गम
10-थौलधार जीआईसी कांडीखाल सुगम दुर्गम
11-भिलंगना जीजीआईसी घनसाली सुगम दुर्गम
12-प्रतापनगर जीआईसी ओखलाखाल सुगम दुर्गम
13-प्रतापनगर जीआईसी लम्बगांव सुगम दुर्गम
14-प्रतापनगर जीआईसी प्रतापनगर सुगम दुर्गम
15-जाखणीधार जीआईसी रजाखेत सुगम दुर्गम
16-जाखणीधार जीआईसी धारकोट सुगम दुर्गम
17-जाखणीधार जीआईसी मदननेगी सुगम दुर्गम
18-नरेंद्रनगर जीआईसी देवलधार सुगम दुर्गम
19-नरेंद्रनगर जीआईसी भैस्यारो सुगम दुर्गम

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