
गोपेश्वर। जनपद में अलकनंदा (चमोली), पिंडर, नंदाकिनी और अलकनंदा (कर्णप्रयाग) में उफान पर है। जिला प्रशासन ने सभी तटीय क्षेत्रों के कस्बों को खाली करवा दिया है।
नंदप्रयाग में झूलाबगड़ मोहल्ले में तीन आवासीय भवन जमीजोंद हो गए हैं। कर्णप्रयाग-वाण, थराली में हरमनी-पैनगढ़, उर्गम घाटी में अदासी-पिल्खी झूला पुल बह गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा तीर्थयात्रियों और प्रभावित ग्रामीणों के लिए जनपद के विद्यालय भवनों में शरण दी गई है। जिला खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा प्रभावितों के लिए खाद्यान्न की व्यवस्था कराई जा रही है। बदरीनाथ हाईवे से जुड़ा छिनका पैदल पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया है। चमोली के पास बुराली गांव अलकनंदा के बहाव से खतरे की जद में आ गया है। क्षेत्रपाल में एक लॉज ध्वस्त हो गया है। काश्तकार जयेंद्र गड़िया का मुर्गी फार्म, मत्स्य तालाब बह गए हैं।
दोपहर बाद नदियों के जलस्तर की स्थिति
अलकनंदा (चमोली) 957.42 (मीटर)
पिंडर नदी 772.60
नंदाकिनी नदी 871.50
अलकनंदा (कर्णप्रयाग) 769.70
