जीआईसी में स्टाफ की कमी

लोहाघाट। पनार घाटी के दूरस्थ क्षेत्र रीठाखाल स्थित राजकीय इंटर कालेज में स्टाफ की कमी के कारण बच्चों का भविष्य अंधकार में पड़ गया है। लगभग 3000 की आबादी के बीच यहां एकमात्र जीआईसी है। जहां प्रवक्ताओं समेत एलटी ग्रेड के शिक्षक न होने से अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य के प्रति चिंतित हैं।
बताया गया है कि जीआईसी में कई विषयों के पदों का सृजन तक नहीं हुआ है। जो पद सृजित हैं तो उनमें शिक्षकों की तैनाती नहीं की गई है। पीटीए अध्यक्ष दिवान सिंह चौहान, सामाजिक कार्यकर्ता एलडी जोशी, धर्मानंद भट्ट, शंकर दत्त, खुशाल सिंह चौहान आदि का कहना है कि 2006 में विद्यालय का प्रांतीयकरण कर सरकार ने अपने हाथ में लिया।
इसके बाद 2010-11 में विद्यालय को इंटरमीडिएट का दर्जा दिया गया। लगभग तीन दर्जन गांवों के बीच स्थित इस विद्यालय में अभी तक कई विषयों के पद तक सृजित नहीं किए गए हैं। पीपलढींग, फुलाराकोट, मथेलाछाना, तिमला, खैरनी, कूमायाकूडा, अनर्पा, बमनचापड़, टकना, दरदौली, बिरौली, चम्तोला, गवाई, बनौली, मन्टांडे, चौड़ा सिल्योड़ी, गागर, मोलना, जाख आदि तमाम गांवों के लोग अपने भाग्य पर रो रहे हैं। उनका कहना है कि उनके क्षेत्र की हर दृष्टि से उपेक्षा की जा रही है।

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