
ऊना। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल में दस जमा एक कक्षा के 11 बच्चों के गणित में नंबर बढ़ाने तथा उन्हें उत्तीर्ण दर्शाने के उद्देश्य से आंसरशीट्स को दोबारा अटेंप्ट किया गया। गणित की आंसरशीट्स में लिखाई में भिन्नता पाई गई है। अन्य संकायों में भी कई फेल बच्चों को पास दर्शाने के लिए रिजर्ट चार्ट में ओवर राइटिंग की गई है। जांच में यह सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। मामले की जांच कर रहे जोह स्कूल के प्राचार्य यशपाल सिंह ने 76 पन्नों की जांच रिपोर्ट शिक्षा उपनिदेशक निर्मल रानी को सौंपी है। उपनिदेशक इस जांच रिपोर्ट को निदेशक उच्च शिक्षा को प्रेषित करेंगी। 76 पृष्ठों की जांच रिपोर्ट के अलावा अलग से करीब 20 पन्ने और भी हैं। इस रिपोर्ट में भी गणित विषय की आंसरशीट्स में लिखाई में भिन्नता का जिक्र है। शिक्षा निदेशालय इन आंसरशीट्स को जांच के लिए एफएसएल भी भेज सकता है। हैरतअंगेज यह है कि कई आंसरशीट्स में एक ही सवाल के हल उत्तरों में भी लिखाई में भिन्नता है। फेल छात्रों को पास दर्शाने के लिए नियमों को ताक पर रखकर ग्रेस मार्क्स भी दिए गए हैं। स्कूल के महत्वपूर्ण दस्तावेज विदड्राल रजिस्टर में भी खामियां उजागर हुई हैं। बताया जा रहा है कि दस जमा एक में एक संकाय की वार्षिक परीक्षा में जिस विद्यार्थी को प्रथम घोषित किया गया है, उसका अंग्रेजी विषय में महज एक अंक है। पहली पोजिशन पर लाने के लिए उसे इस विषय में 27 कृपांक दिए गए। बाकी अंक इंटरनल असेस्मेंट के तहत जोड़े गए।
निदेशालय करवा सकता है फोरेंसिक जांच : यशपाल
जांच अधिकारी यशपाल सिंह ने जांच रिपोर्ट शिक्षा उपनिदेशक को सौंपे जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि इसमें कुल 76 पृष्ठ हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता ने उन्हें करीब 20 पृष्ठ और सौंपे थे। वे भी उपनिदेशक को दिए हैं। उन्होंने कहा कि आंसरशीट्स को सुरक्षित रखा गया है। निदेशालय इनकी फोरेंसिक जांच भी करवा सकता है।
जांच रिपोर्ट निदेशालय भेजी जाएगी : उपनिदेशक
शिक्षा उपनिदेशक निर्मल रानी ने जांच रिपोर्ट मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि इसे शिक्षा निदेशालय को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा निदेशालय के निदेर्शों पर ही मामले की जांच करवाई गई है। दोषियों के खिलाफ निदेशालय के निर्देशानुसार ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
क्या है मामला
स्कूल के ही एक प्रवक्ता ने गड़बड़ियों को लेकर शिकायत प्रधान सचिव शिक्षा, शिक्षा निदेशक, उपनिदेशक, शिक्षा बोर्ड और एसपी ऊना से की थी। शिक्षा बोर्ड से आई टीम ने भी मामले की जांच करते हुए प्रश्नवाचक चिन्ह लगा दिया था। पुलिस भी मामले की जांच कर रही है। अब विभागीय स्तर पर हुई जांच में कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं।
