
लंदन: ब्रिटेन की राजगद्दी के दोनों उत्तराधिकारी प्रिंस विलियम और प्रिंस हैरी की रगों मे भारतीय खून दौडऩे के खुलासे के बाद वैज्ञानिक अब भारत के गुजरात राज्य के सूरत शहर में उनके रिश्तेदार की जोर शोर से तलाश कर रहे हैं। एडिनबर्ग विश्वविद्यालय के अनुवांशिकी विशेषज्ञ जिम विल्सन और ब्रिटेन डीएनए नाम के एक संगठन के मुताबिक प्रिंस विलियम के एक रिश्तेदार के लार का परीक्षण करके यह पता चला था कि दोनों राजकुमारों का यह भारतीय संबंध अपने ननिहाल की देन है।
उन्होंने बताया कि गहन जांच के बाद पता चला है कि जिन एलिजा केवार्क की वजह से प्रिंस विलियम और प्रिंस हैरी की रगों में भारतीय खून दौड़ रहा है उन्होंने दो बच्चों को जन्म दिया था। एक बच्ची कैथरीन स्काट फोब्र्स को उनके पिता थियोडोर ने इंग्लैंड भेज दिया था। कैथरीन के जन्म के दो साल बाद ऐलिजा ने एक और बच्चे एलेक्जेंडर को जन्म दिया था। एलेक्जेंडर भारत लौट गया और वह कई सालों तक जीवित रहा था।
डा. विल्सन ने बताया कि इसी आधार पर उन्हें यह उम्मीद है कि एलेक्जेंडर ने संभवत भारत में संबंध बनाए होंगे और इससे उनके बच्चे वहीं पैदा हुए होंगे। इसी वजह से प्रिंस विलियम से उस बच्चे का नाता होगा और हम उसे तलाश कर रहे हैं। दरअसल यह तलाश दूर के संबंधियों को पास लाने की कोशिश भर है। उन्होंने कहा कि एलिजा के पति थियोडोर ईस्ट इंडिया कंपनी में काम करते थे और वह सूरत में ही रहते थे। इसके बाद एलेक्जेंडर ने भी सूरत में ही अपना घर बसाया था।
उस समय यह शहर ब्रिटेन के कब्जे में था। इसी वजह से प्रिंस विलियम के संभावित रिश्तेदार की तलाश सूरत में ही की जा रही है। डा. विल्सन ने बताया कि शोधकर्ताओं ने जन्म, शादी और मृत्यु प्रमाणपत्रों के अध्यन के बाद एलिजा के दो जीवित रिश्तेदारों को ढूंढ निकाला और जब इनके लार का परीक्षण किया गया तो पता चला कि ये दोनों प्रिसेस डायना की मां के रिश्तेदार हैं। उनका कहना है कि प्रिंस विलियम के शरीर में भारतीयों में पाए जाने वाले खास तरह के माइटोकांड्रियल डीएनए हैं। इस डीएनए की खास बात यह है कि यह किसी भी बच्चे को अपनी मां से मिलता है। यह पिता से बच्चे तक नहीं जाता। इसी वजह से यह डीएनए प्रिंस विलियम और प्रिंस हैरी तक ही रहेगा।
