बारिश से गोभी की 20 फीसदी फसल तबाह

कुल्लू। जिले में पांच दिन से हो रही रिमझिम बारिश तैयार गोभी की फसल पर भारी पड़ रही है। जानकारी के अनुसार गोभी की 20 फीसदी फसल बारिश की भेंट चढ़ गई। कृषि विभाग ने किसानों को जल्द सैंपल दिखाने का आग्रह किया है, ताकि फसल को बीमारी से बचाने के लिए जल्द उचित कदम उठाए जा सकते हैं।
मणिकर्ण घाटी के किसान खेम चंद, कर्मचंद, ओमप्रकाश ने बताया कि उनकी गोभी की पहली फसल तैयार थी और पांच दिनों से लगातार हो रही बारिश से गोभी 20 फीसदी तबाह हो गई है। गड़सा घाटी के भोला राम, पवन का कहना है कि बारिश से पहली गोभी की फसल को वे मंड़ियों नहीं पहुंचा सके। बारिश से गोभी खेतों में ही सड़ गई है।
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सब्जी उत्पादक बीमारी की चपेट में आई गोभी का सैंपल विभाग को दें, ताकि बीमारी को जल्द रोका जा सके। उन्होंने बताया कि विभाग ने बारिश से सब्जी में लगने वाली बीमारी को रोकने के लिए दवाई का प्रावधान कर रखा है।
-बीएल शर्मा, कृषि उपनिदेशक
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नकदी फसलों के लिए संजीवनी
बारिश नकदी फसल के लिए संजीवनी बन कर आई है। बारिश से सेब, नाशपाती और अन्य गुठलीदार फलों का आकार बढ़ेगा। कुल्लू घाटी का मौसम इन दिनों सेब और अन्य फलों पर पूरी तरह से मेहरवान है। मौसम का रुख देखकर बागवानों के चेहरों पर खुशी नजर आ रही है। विशेषज्ञों की मानें तो घाटी में हो रही बारिश सेब के आकार और गुणवत्ता के लिए फायदेमंद साबित होगी। जिले में बड़े पैमाने पर सेब उत्पादन करने वाली ऊझी घाटी, खराहल घाटी, मणिकर्ण घाटी, महाराजा वैली, लगवैली, बंजार घाटी समेत सैंज में पांच दिन में लगातार रिमझिम बारिश हुई।

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