
मैहतपुर (ऊना)। हिमाचल की जमीन को फर्जी कृषक बनकर खरीदने वाले लोगों की जांच का जल्द खुलासा करने की मांग उठने लगी है। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा एवं अखिल भारतीय ब्राह्मण सभा के साझा मंच ने प्रदेश की जमीन को कौढ़ियों के भाव में बेचे जाने पर कड़ी आपत्ति दर्ज करवाते हुए इसकी मामले की जांच तेज करने की मांग उठाई है। मंच के पदाधिकारियों का कहना है कि उन्होंने फर्जी कृषक बनकर हिमाचल की जमीन खरीदने वाले लोगों के खिलाफ सबूत के साथ शिकायत पत्र जिला प्रशासन को दिया था। उस सिलसिले में जांच जिस गति से की जा रही है, उसे देखकर नहीं लगता कि आने वाले पांच दस साल में भी उन लोगों का खुलासा जिला प्रशासन कर पाएगा। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा एवं ब्राह्मण सभा के साझा मंच के प्रदेशाध्यक्ष ठाकुर सर्वजीत सिंह व पंडित पीसी शर्मा ने कहा कि प्रदेश की जमीन को पंजाब के लोग फर्जी तरीके से कृषक बनकर धड़ल्ले से खरीद रहे हैं, जिसकी शिकायत नाम पते और प्रमाण सहित उपायुक्त ऊना के पास दी हुई है, लेकिन अभी तक उस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई न होने को लेकर साझा मंच ने निराशा जाहिर की है। राजस्व मंत्री समेत प्रदेश के आला अफसरों को भेजी शिकायत में साझा मंच के प्रदेशाध्यक्ष ठाकुर सर्वजीत सिंह, सदस्य पंडित पीसी शर्मा, शिव किशोर वासुदेव व सीताराम ठाकुर ने कहा है कि जुन्गा शिमला में 2008-09 में तथा ऊना जिले में कई स्थानों पर पंजाब के लोग कृषक प्रमाण पत्रों के सहारे जमीन खरीद रहे हैं। ऐसे लोगों पर नकेल लगाने के लिए धारा 420, 467, 468 तथा 471 के तहत मामले दर्ज किए जाने चाहिए थे। अब तक की प्रशासनिक जांच से असंतुष्ट साझा मंच के इन पदाधिकारियों ने कहा है कि शिकायत पर कोई ठोस कर्रवाई न होना चिंता का विषय है। मंच के पदाधिकारियों ने राजस्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह से कहा कि अगर वह ईमानदारी से प्रदेशस्तर पर अपने विभाग में इस तरह के मामलों की जांच करवाते हैं तो अनेक ऐसे फर्जी मामले सामने आएंगे, जैसे हाल ही में सोलन जिला में सामने आए हैं।
