
शिमला। सीटू की राष्ट्रीय कमेटी के आह्वान पर शनिवार को उपायुक्त आफिस के बाहर सीटू की जिला कमेटी ने प्रदर्शन किया। मजदूरों के न्यूनतम वेतन को दस हजार रुपये मासिक करने की मांग की है। सीटू ने केंद्र और राज्य सरकार को चेताया कि अगर मजदूरों के हित में नीतियां नहीं बनाई गईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
सीटू के जिला महासचिव विजेंद्र मेहरा ने कहा कि मजदूरों पर कार्य का अतिरिक्त बोझ है। इसके चलते कार्य की अवधि आठ की बजाय छह घंटे होनी चाहिए। महंगाई को ध्यान में रखते हुए न्यूनतम वेतन दस हजार रुपये होना चाहिए। इस अवसर पर सीटू की शहरी कमेटी के अध्यक्ष किशोरी ढटवालिया, मुनीष शर्मा, बचन नेगी, विनोद विरसांटा, बालक राम, आईजीएमसी यूनियन के प्रधान वीरेंद्र लाल, मिड डे मील एसोसिएशन की सदस्य संतोष, जानकी, हिमी देवी, एसबीआई यूनियन अध्यक्ष दीपिका कपूरिया, बीसीएस वर्कर्स यूनियन के महासचिव चुन्नी लाल, राजेंद्र मंगल, तहबाजारी यूनियन के महासचिव सुरेंद्र बिट्टू, एचपीएमआरए यूनियन के महासचिव सेठ चंद, इंद्र कुमार, ऋतुराज, भूप सिंह भारद्वाज, दयाल, मनोहर लाल, सन्नी, कपिल नेगी, जगदीश और पूर्ण चंद सहित कई अन्य मौजूद रहे।
