
जम्मू: कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी अपने जम्मू-कश्मीर दौरे के दौरान विवादित मुद्दों पर टिप्पणी करने से बचते रहे। राज्य के विभिन्न भागों से सैन्य कानून अफस्पा (सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम) हटाने संबंधी मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की मांग के बारे में पूछे जाने पर जहां उन्होंने इसे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के बीच का मामला बताया, वहीं मोदी के मुद्दे पर भाजपा से नाराज जनता दल (यू.) को यू.पी.ए. में शामिल करने के सवाल पर कहा कि इस मामले में फैसला पार्टी के बड़े नेता करेंगे।
राहुल बडग़ाम जिले में महत्वाकांक्षी योजना उम्मीद का शुभारंभ करने के अवसर पर पत्रकारों के साथ बातचीत कर रहे थे। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को 2014 के लोकसभा चुनावों के मद्देनजर भाजपा की चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बना कर प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किए जाने से नाराज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कांग्रेस के नेतृत्व वाले यू.पी.ए. गठबंधन में शामिल करने के सवाल पर राहुल गांधी का कहना था कि इस संबंध में दोनों पाॢटयों के नेतृत्व को निर्णय लेना है और इस मुद्दे पर मीडिया के समक्ष उनका कुछ भी कहना उचित नहीं है। वहीं भाजपा में जारी नरेंद्र मोदी के विवाद को पार्टी का आतंरिक मामला बताया है।
