
कोलंबो: भारत और तमिल अल्पसंख्यक दलों की आपत्तियों के बावजूद श्रीलंकाई संसद में अगले सप्ताह एक ‘‘अत्यावश्यक विधेयक’’ पेश किया जाएगा जिसका उद्देश्य भारत-श्रीलंका के बीच हुए समझौते से मिले प्रांतीय परिषद के अधिकारों को कम करना है।
श्रीलंकाई सरकार के प्रवक्ता केहेलिया रामबुकवेला ने कहा, ‘‘अगले मंगलवार को एक अत्यावश्यक विधेयक पेश किया जाएगा।’’
प्रवक्ता ने कहा कि मंत्रिमंडल ने एक नई चयन समिति बनाने का निर्णय किया है जिसमें सभी राजनीतिक पार्टियों को शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। यह समिति संविधान के 13वें संशोधन के लिए जरूरी अन्य संशोधनों से निपटेगी।
यदि संभव हुआ तो समिति अपना कामकाज अगले बुधवार से शुरू करेगी। चयन समिति का जो भी नतीजा आए सरकार तेरहवें संशोधन को आगे बढ़ेगी।
रामबुकवेला ने कहा कि सहयोगियों द्वारा शक्तियों को कमजोर करने को लेकर उठाई गई आशंकाओं के बावजूद सरकार को संशोधन के लिए संसद में दो तिहायी बहुमत मिलने का भरोसा है।
