
ब्यूनस आयर्स: अर्जेंटीना की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति कार्लोस मेनेम को नब्बे के दशक में क्रोएशिया तथा इक्वाडोर को हथियारों की अवैध आपूर्ति मामले में सात वर्ष जेल की सजा सुनाई है। मेनेम को हालांकि जब तक संसद का विशेषाधिकार(इम्यूनिटी) हासिल है तब तक उन्हें जेल नहीं भेजा जा सकता।
एक अपीली अदालत ने मार्च में एक निचली अदालत के फैसले को उलटते हुए मेनेम (82) को हथियारों की आपूर्ति का दोषी करार दिया था। निचली अदालत उन्हें इस मामले में दो वर्ष पहले बरी कर चुकी थी। वह अदालत के फ्सैले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं। वह इससे पहले खुद को पूरी तरह से निर्दोष बताते हुये कहते आएं हैं कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि हथियारों की जो खेप उन्होंने वेनेजुएला और पनामा रवाना की थी वह उन देशों की ओर कैसे मोड दी गई जिन्हें हथियारों की आपूर्ति प्रतिबंधित थी।
मेनेम पर भ्रष्टाचार से जुडे कई मामले भी चल रहे हैं लेकिन यह पहला मामला है जिसमें उन्हें सजा सुनाई गयी है। अदालत ने गुरुवार को सजा सुनाते हुए पूर्व रक्षा मंत्री आस्कर कैमिलियोन को भी दोषी पाया और उन्हें साढे पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई गई। मेनेम अपने गृह प्रांत ला रियोजा से सीनेटर हैं। उन्हें तब तक जेल नहीं भेजा जा सकता जब तक कि संसद के ऊपरी सदन(सीनेट) के दो तिहाई सदस्य उन्हें मिले संवैधानिक विशेषाधिकारों को हटाने के पक्ष में मत नहीं देते।
