
भगेड़ (बिलासपुर)। कुहमझवाड़ पंचायत में साल भर पहले भूस्खलन की वजह से अवरुद्ध हुई सड़क पर यातायात अभी भी बहाल नहीं हो पाया है। वाहनों की आवाजाही शुरू होना तो दूर, सही ढंग से पैदल चलने लायक रास्ता भी नहीं बन पाया है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर, विभाग की मानें तो जितना मलबा हटाया जा रहा है, उतना ही और गिर रहा है। इसके बावजूद एक सप्ताह के भीतर सड़क खोलने का लक्ष्य रखा गया है।
कुहमझवाड़ पंचायत प्रधान रतन सिंह ठाकुर तथा वार्ड सदस्यों प्यार चंद, अमरनाथ, किरण, प्रोमिला, कमला, कांता व इंद्रराज ने बताया कि पिछले साल बरसात के मौसम में रोपा गांव में भूस्खलन होने से सिकरोहा-कुहमझवाड़-पलेला सड़क अवरुद्ध हो गई थी। सड़क बहाल करने की मांग कई बार उठाई गई। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने मौके पर जाकर मुआयना किया। इसके बाद काम भी शुरू हुआ, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी सड़क पर यातायात बहाल नहीं हो पाया है। बरसात का मौसम दोबारा शुरू हो चुका है। एक साल में वाहनों की आवाजाही तो दूर, वहां से पैदल गुजरने लायक रास्ता भी नहीं बन पाया है। सड़क के नीचे की ओर स्थित रिहायशी मकान खतरे की जद में हैं। वहां से गुजरने वाले लोगों व मवेशियों के चट्टानों व मलबे की चपेट में आने का खतरा भी बना रहता है। उन्हाेंने समस्या का समाधान जल्द करने की मांग की है।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता एआर कालिया ने कहा कि जिस स्थान पर भूस्खलन हुआ है, वहां ऊंची पहाड़ी है। जितना मलबा उठाया जाता है, उतनी ही पहाड़ी और दरक जाती है। चूंकि नीचे की ओर रिहायशी मकान हैं, ऐसे में भारी मशीनरी भी प्रयोग नहीं की जा सकती। इसके चलते अब नीचे की ओर रिटेनिंग वाल लगाई जा रही है। ठेकेदार को 20 जून तक सड़क पर यातायात बहाल करने को कहा गया है।
