तो चोखे दाम देगा कुल्लू का सेब

खराहल (कुल्लू)। बारिश की रिमझिम फुहारें नगदी फसलों के लिए संजीवनी बनकर आई हैं। कुल्लू घाटी का मौसम इन दिनों सेब और अन्य फलों पर पूरी तरह से मेहरबान है। बागवानों का कहना है कि मौसम इसी तरह मेहरबान रहा तो इस बार सेब की बंपर पैदावार होगा। यही नहीं वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बारिश को अधिक बड़ा और रसीला भी बनाएगी।
सेब इन दिनों अखरोट से थोड़ा बड़ा आकार पा चुका है। बगीचों में पर्याप्त नमी के कारण सुक्ष्म तत्वों का अनुसरण बड़ी सुगमता से होगा। ऐसे में सेब का विकास और गुणवत्ता में बढ़ोतरी होगी। जिले में बड़े पैमाने पर सेब उत्पादन करने वाली उझी घाटी, खराहल घाटी, मणिकर्ण घाटी, महाराजा वैली, लगवैली और बंजार घाटी समेत सैंज में इन दिनों बारिश जारी है।
हालांकि कुछ स्थानों पर बारिश ने नुकसान भी पहुंचाया है। मौसम का मिजाज इस बार घाटी में सेब की उम्दा फसल होने का संकेत दे रहा है। जिला के कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि से सेब की फसल को नुकसान भी हुआ है। गत वर्ष जिला में 1.60 लाख मीट्रिक टन सेब का उत्पादन हुआ था। पिछले वर्ष की अपेक्षाकृत इस साल 2.24 लाख मीट्रिक टन सेब उत्पादन की उम्मीद जताई जा रही है। बागवान गोपाल राणा, चमन, जय चंद, रामनाथ, देवराज, ज्ञान ठाकुर, अरुण और युवराज ने कहा कि दो-तीन दिन से हो रही बारिश सेब समेत अन्य फसलों के लिए बेहतर है। बागवानों ने बताया कि मौसम खुलते ही बगीचों में स्प्रे करेंगे।

तेजी से बढ़ेगा सेब : डा. जयंत
बागवानी अनुसंधान केंद्र बजौरा के सहनिदेशक डा. जयंत कुमार ने कहा कि इन दिनों हो रही बारिश से सेब का आकार तेजी से विकसित होगा। गुणवत्ता, रस और मिठास में भी बढ़ोतरी होगी।
मौसम खुलते ही करें स्प्रे : डा. राणा
जिला बागवानी उपनिदेशक डा. बीसी राणा के मुताबिक मौसम खुलते ही बागवानों को अपने शेड्यूल के अनुसार स्प्रे करनी चाहिए। इससे सेब की गुणवत्ता में इजाफा होगा।

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