
नई दिल्ली: चीन बॉर्डर पर सेना की तैनाती से संबंधित आर्मी का गोपनीय ब्यौरा लीक मामले में कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी ने छह सैन्य अधिकारियों को दोषी ठहराया है। अब इन सैनिकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। माना जा रहा है कि इस चिट्ठी के जरिए आर्मी की गोपनीय जानकारी चीन के हाथ लग गई थीं।
यह घटना तब की है जब वीके सिंह आर्मी चीफ थे और जांच के नतीजे अब जाकर आए हैं। सूत्रों ने बताया कि कुछ साल पहले हुई इस घटना के संबंध में अनेक मामलों में दोष सिद्ध करार दिए गए सैन्य अधिकारी अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करने की प्रक्रिया में हैं। उन्होंने बताया कि रंगिया आधारित 21 माउंटेन डिविजन को लिखा तेजपुर आधारित 4 कोर का अत्यंत गोपनीय पत्र लीक होने के चलते संवेदनशील सूचना गलत हाथों में चला गया होगा। दोषी पाए गए सेना के अधिकारियों में एक लेफ्टिनेंट जनरल भी है। सूत्रों के मुताबिक सभी 6 का उन पर लगे आरोपों के मुताबिक कोर्ट मार्शल के तहत कड़ी प्रशासनिक या फिर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मामला: तेजपुर स्थित आर्मी की 4 कोर ने जनवरी 2011 में रंगिया में तैनात 21वीं माउंटेन डिविजन को गोपनीय चिट्ठी लिखी थी। इस चिट्ठी में सेना के ऑपरेशनल प्लान, सैनिकों की तैनाती और चीन की सीमा से जुड़ी कई संवेदनशील जानकारियां शामिल थीं। यही नहीं इस चिट्ठी में इसका भी जिक्र था थी चीनी सेना से चुनौती मिलने पर भारतीय सेना किस तरह रणनीति बनाए। चिट्ठी में सेना के पास मौजूद साजो-सामान को लेकर भी बेहद सीक्रेट जानकारियां थीं।
यह चिट्ठी 21 माउंटेन डिविजन में पहुंचने के बाद गायब हो गई थी। उस समय डिविजन मेजर जनरल घेई के हाथों में थी। सूत्रों के मुताबिक यह बात जाहिर नहीं की गई और लंबे समय तक दबी रही। बाद में चिट्ठी गायब होने की सूचना सेना मुख्यालय भेजी गई। इससे सरकार की अन्य खुफिया एजेंसियों में हड़कंप मच गया था। मामले पर बढ़ी सरगर्मी के बाद सेना मुख्यालय ने एक लेफ्टिनेंट जनरल रैंक अधिकारी की अगुआई में कोर्ट ऑफ इनक्वायरी के आदेश दिए थे। यह चिट्ठी कहां है, अभी तक इसका खुलासा नहीं हो पाया है। ऐसा माना जाता है कि संभवत: यह चिट्ठी चीन के हाथ लग गई होगी। गौरतलब है कि चीन ने लद्धाख में हाल ही में ही घुसपैठ की थी। चीनी सैनिक करीब 19 किलोमीटर तक घुस आए थे।
