कुंद्रा के करीबी गोयनका ने लगाया जबरन बयान लेने का आरोप

नई दिल्ली। स्पॉट फिक्सिंग मामले में बुधवार को दिल्ली पुलिस को एक बार फिर झटका लगा। राजकुंद्रा के करीबी उमेश गोयनका ने बयान से पलटते हुए पुलिस पर मारपीट व जबरन बयान लेने का आरोप लगाया है। उसने पिटाई से कान का पर्दा फटने का भी आरोप लगाया है। अदालत ने उमेश गोयनका की अर्जी पर सुनवाई के बाद स्पेशल सेल को शुक्रवार एक बजे तक जवाब व हलफनामा पेश करने के लिए कहा है। पुलिस ने उमेश को दो जून को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया था और पांच जून मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज करवाया था। उस दौरान उसने राजकुंद्रा के सट्टा लगाने की बात कही थी। वैकेशन जज वीके खन्ना के समक्ष उमेश गोयनका ने सफदरजंग व अपोलो अस्पताल की एमएलसी पेश करते हुए कहा कि स्पेशल सेल के कार्यालय में उससे मारपीट की गई, जिससे उसके दाएं कान का पर्दा फट गया। उसने बताया कि जब अदालत ने अन्य आरोपियों को जमानत दे दी तो उसने पुलिस की कहानी बताई। उमेश ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने जब उसे गिरफ्तार किया था तब पुलिस के पास कोई अदालती आदेश नहीं था। पुलिस ने उससे खुद व राजकुंद्रा के सट्टे में शामिल होने का बयान देने के लिए कहा था। जब उसने ऐसा बयान देने से इंकार किया तो स्पेशल सेल के डीसीसी संजीव यादव ने उसे लॉकअप में डलवा दिया। पुलिस ने उसको 2, 3, 4, 5 व 6 जून को स्पेशल सेल व कई होटलों में अवैध हिरासत में रखा। पुलिस के हाथों प्रताड़ित होने के बाद उसने खुद को टॉर्चर से बचाने के लिए राजकुंद्रा के खिलाफ पुलिस का मनचाहा बयान दिया। उसने कहा कि पुलिस ने मुंह खोलने पर उसके खिलाफ मकोका लगाने की धमकी दी है।

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