जॉब फेयर में उमड़ी भीड़

नई दिल्ली। शिक्षित हो रहे युवाओं के बेहतर भविष्य के विकल्प के लिए कैंपस प्लेसमेंट प्रक्रिया को साल भर चलते रहना चाहिए। एक ही प्लेटफॉर्म से छात्रों को जॉब के अच्छे विकल्प मिले, इससे अच्छा क्या हो सकता है। डीयू के छात्रों को रोजगार की रेस में उत्तम माना जाता है, क्याेंकि गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्राप्त होती है। डीयू में दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ की ओर से आयोजित पहले जॉब फेयर में छात्रों को संबोधित करते हुए यह विचार मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने रखे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जौनापुर में सिंगापुर सरकार की सहायता से शुरू हो रहे विश्वस्तरीय कौशल विकास संस्थान में शीघ्र दाखिला शुरू होगा। शुरू में यह संस्थान यमुना पार के कॉलेज से काम करेगा।
डीयू के स्पोर्ट्स कांप्लेेक्स में आयोजित दो दिवसीय जॉब फेयर की शुरुआत के मौके पर दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष योगानंद शास्त्री, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ऑस्कर फर्नांडीज व कुलपति प्रो. दिनेश सिंह और डूसू अध्यक्ष अरुण हुड्डा उपस्थित थे। कुलपति प्रो. दिनेश सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि जॉब फेयर से जॉब सेक्टर की बारीकियों को समझने का अवसर प्राप्त होगा। डूसू अध्यक्ष अरुण हु्ड्डा ने बताया कि फेयर के पहले दिन करीब 50 बड़ी कंपनियां कैंपस पहुंचीं। पहले दिन ही छात्रों की भीड़ के चलते कंपनियों को भी काफी अच्छा रिस्पांस मिला। भीड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई स्टॉल पर वेटिंग में छात्र थे। अरुण हुड्डा ने बताया कि पहले दिन कंपनियों ने 1700 छात्रों को शॉर्ट लिस्ट किया। इनमें 150 छात्रों को हाथोंहाथ ऑफर लेटर भी मिल गया। न्यूनतम सैलरी पैकेज के रुप में छात्रों को 1.25 लाख और अधिकतम सैलरी पैकेज के रुप में 6 लाख रुपये सालाना की पेशकश हुई है। सबसे अधिक पैकेज जेनपेक्ट ने किया है। पहले दिन कैंपस में जेनपेक्ट, कनवर्जिस, एजिस, बजाज कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, आईजीटी. भारती एक्सा, पॉलिजी बाजार, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, मैक्स बूपा सरीखी कंपनियां पहुंचीं। अब बुधवार को भी कंपनियां कैंपस पहुंचेगी।

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