
पांवटा साहिब (सिरमौर)। हिमाचल-उत्तराखंड पर एक नया पुल बन सकता है। दोनों राज्यों की सीमा पर सिंगपुरा के पास यमुना नदी में पुल निर्माण की योजना विचाराधीन है। इससे गिरिपार समेत पांवटा क्षेत्र की करीब 14 पंचायतों और उत्तराखंड के विकासनगर क्षेत्र की कई पंचायतों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी।
पांवटा साहिब के विधायक किरनेश जंग और उत्तराखंड के विकासनगर विस क्षेत्र विधायक नवप्रभात के बीच इस मुद्दे पर वार्ता भी हो चुकी है। अब दोनों विधायक इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए अपनी-अपनी सरकारों से मांग करेंगे।
इस समय हिमाचल और उत्तराखंड को जोड़ने के लिए एनएच-72 मार्ग पर यमुना नदी पर मुख्य पुल बना है। इसके अलावा पांवटा क्षेत्र से लगते अन्य पुल डाकपत्थर और किल्लोड़ के अंबाड़ी में है। पांवटा से सिंगपुरा क्षेत्र तक बीच में कोई पुल नहीं है। इससे गिरिपार समेत आसपास क्षेत्र की 14 पंचायतों के लोगों को काफी घूमकर उत्तराखंड की यात्रा तय करनी पड़ रही है। इससे पांवटा विस क्षेत्र की गिरिपार क्षेत्र आंजभोज की पंचायतों शिवा रुदाणा, बनौर, नघेता, डांडा, खोदरी माजरी, किल्लोड़, भढाणा, अंबोया, राजपुर व भंगानी, मानपुर देवड़ा, डोबरी सालवाला और डांडा आंज पंचायतें शामिल हैं। इन पंचायत क्षेत्रों के लोग अकसर साथ लगते उत्तराखंड के विकासनगर में खरीददारी को पहुंचते हैं लेकिन इसके लिए लंबी दूर वाला रूट तय करना पड़ता है। प्रस्तावित सिंगपुरा के समीप से विकासनगर क्षेत्र को यमुना नदी पर पुल बनाने की मांग पहले भी उठती रही है।
पांवटा के विधायक किरनेश जंग ने कहा कि योजना विचाराधीन है। इस बारे उत्तराखंड के विकासनगर विस क्षेत्र के विधायक से इसी सप्ताह बातचीत हो चुकी है। एक स्थल को चिन्हित भी किया है। प्रदेश की सीमा पर यमुना नदी पर सिंगपुरा के पास से पुल निर्माण की योजना विचाराधीन है। इसका पूरा खाका तैयार कर योजना को जल्द शुरू करने के प्रयास होंगे। पांवटा विस क्षेत्र विधायक किरनेश जंग ने कहा कि इससे पांवटा क्षेत्र की एक दर्जन से ज्यादा पंचायतों को सुविधा मिलेगी।
