
नाहन (सिरमौर)। सिरमौर जिले में बरसात का सीजन शुरू होने से पहले लगभग 50 प्रतिशत ही सड़कें पक्की हो पाई हैं। 10 जून तक जिले में 56 किलोमीटर सड़क को पक्का कर दिया गया है। हालांकि विभाग की ओर से 110 किलोमीटर सड़कों को पक्का करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन इस बार जून माह केे प्रथम सप्ताह के बीच-बीच में बारिश होने से मैटलिंग का कार्य प्रभावित हो रहा है हालांकि लोक निर्माण विभाग को अभी भी आशा है कि जून के अंत तक विभाग 70 से 80 प्रतिशत तक कच्चे मार्गों की टारिंग कर देगा।
कुमारहट्टी-नाहन सुपरहाइवे पर भी टायरिंग का काम जोरों पर है। नाहन बाजार से करीब दो किलोमीटर दूर आईटीआई के समीप सड़क पर टारिंग करने से सैकड़ों लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन बिरोजा फेक्टरी से दोसड़का तक करीब 11 किलोमीटर कच्ची सड़क अभी भी लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। लोक निर्माण विभाग नाहन के अधिशासी अभियंता अजय वर्मा ने बताया कि उनके क्षेत्र की 30 में से 15 किलोमीटर सड़क पक्की कर दी गई है। आशा है कि जून के अंत तक लक्ष्य पूरा कर दिया जाएगा।
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जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद : एडीसी
नाहन (सिरमौर)। बरसात के दौरान संभावित खतरे के बारे में एडीसी मनमोहन शर्मा ने संपर्क करने पर कहा कि जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं रेस्क्यू टीम का गठन किया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने एवं नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
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हरिपुर खोल के हादसे को नहीं भूले लोग
नाहन (सिरमौर)। नाहन निर्वाचन क्षेत्र के हरिपुर खोल क्षेत्र की समालका खड्ड में 7 जुलाई 2012 को एक बारात पर ऐसा कहर टूटा कि देखते ही देखते 9 बाराती उफनती खड्ड में बह गए और शादी की खुशियां मातम में बदल गई।
हरिपुर खोल की एक बारात सुबह घर से निकली और लंबा संपर्क मार्ग लेने के बजाय शार्टकट समालका खड्ड पार करने का निर्णय लिया। बारात के वाहन जैसे ही गुजर रहे थे तो एकाएक सूखी खड्ड में बाढ़ आ गई। जिले के ऊपरी इलाकों में तेज बारिश के कहर को अपेक्षाकृत निचले क्षेत्र हरिपुर खोल एवं आसपास के ग्रामीण नहीं भांप पाए और एक टाटा सूमो उफरने नाले की चपेट में आ गई और नौ बाराती बह गए थे। कुछ शव मौके पर ही मिल गए थे जबकि कुछ ग्रामीणों के शव हरियाणा के बैराज पर मिले थे। इस हादसे के बाद प्रशासन ने अभी तक कोई सबक नहीं लिया है ग्रामीण आज भी उसी समालका खड्ड को पार कर रहे हैं।
