
बिलासपुर। नेशनल हाइवे की पैच वर्क का कार्य मझधार में लटकने की चर्चा गरम है। इस सीजन में भी लोगों का इस सड़क पर सफर आरामदायक नहीं हो सकेगा। नेशनल हाइवे अथारिटी आफ इंडिया ने कीरतपुर से नेरचौक तक की सड़क के लिए 4.33 करोड़ स्वीकृत किए गए। अभी तक करीब सवा करोड़ की राशि ही मिल पाई है। इसमें से बिलासपुर से स्वारघाट तक एक करोड़ तथा घागस से नेरचौक तक 28 लाख खर्च किए है। अब अगली किश्त नहीं आने से हाथ खडे़ हो गए हैं।
बिलासपुर से स्वारघाट तक के दायरे में नेशनल हाइवे का मरम्मत कार्य बंद कर दिया गया है। अभी तक इस नेशनल हाइवे का पैचवर्क पूरा नहीं हो पाया है। बिलासपुर से स्वारघाट तक करीब एक करोड़ की राशि खर्च की जा चुकी है। इसके बावजूद जिन स्थानों पर पैचवर्क नहीं हो पाया है। बिलासपुर से स्वारघाट तक नेशनल हाइवे के पैचवर्क को पूरा करने के लिए अंतिम तारीख 31 मई रखी गई थी। यह कार्य अपनी निर्धारित अवधि तक खत्म नहीं हो पाया। इस कार्य को पूरा करने के लिए करीब एक माह तक यहां से दिन के समय ट्रकों की आवाजाही भी बंद कर दी गई। ट्रकों के लिए रात समय निर्धारित किया गया था। मरम्मत कार्य के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
इनसेट के लिए
1. चरणबद्ध तरीके से होगा कार्य : कपूर
नेशनल हाइवे अथारिटी पंडोह के अधिशासी अभियंता सुनील कपूर ने कहा कि अथारिटी द्वारा जो राशि स्वीकृत की गई है उसे चरणबद्ध तरीके से खर्च किया जा रहा है। करीब सवा करोड़ रुपए की राशि खर्च की जा चुकी है।
2. एनएच की मरम्मत का मुद्दा यहां चरचा में रहा। कांग्रेस और भाजपा के बीच काफी बयानबाजी का दौर चला। यहां तक कि नयनादेवी हलके के विधायक रणधीर शर्मा की अगुवाई में बाकायदा इस मुद्दे पद यात्रा भी निकाली। कांग्रेस ने बजट मिलने का श्रेय मुख्यमंत्री को दिया, जबकि देरी से काम शुरू होने पर भाजपा ने कांग्रेस की घेराबंदी की। अब फिर काम बंद होने से राजनीतिक गलियारों में चरचा का बाजार गर्म है।
