
कोटद्वार। सत्तीचौड़ में कई दिन से आतंक का पर्याय बने एक हाथी से क्षेत्रवासी काफी भयभीत हैं। शनिवार की रात हाथी ने घर के बाहर बंधी शशि भंडारी की एक गाय को घायल कर दिया। इस दौरान उस समय बड़ी घटना होते- होते बच गई गर्मी से बचने के लिए घरों से बाहर आंगन में सो रहे लोग आवाज सुनकर जाग गए और उन्होंने भाग कर जान बचाई।
सत्तीचौड़ और आसपास के कई गांव जंगल से सटे हुए हैं। यहां अक्सर जंगली जानवर आबादी की ओर आते रहते हैं। हाथियों की आवाजाही अक्सर होती है। शनिवार को हाथी ने जिस तरह से उत्पात मचाया उससे ग्रामीण दहशत में हैं। पीड़ित गाय की स्वामिनी शशि भंडारी का कहना है कि अगर गाय रस्सा तुड़वाकर न भागती तो हाथी उसे मार ही देता। लोगों को अब पशुओं के साथ ही अपने जान-माल की भी सुरक्षा का चिंता हो रही है। ग्रामीणों में वन विभाग के अधिकारियों के प्रति भी भारी रोष व्याप्त है। उनकी शिकायत है कि गोष्ठियों और बैठकों में तो अधिकारी ग्रामीणों की मदद का दावा करते हैं लेकिन जरूरत पड़ने पर कोई कार्रवाई नहीं करते। डीएफओ पर तो कईं लोगों ने फोन भी नहीं उठाने का आरोप लगाया।
एक जान ले चुका हाथी
– बीती 30 मई को सत्तीचौड़ के जंगल में निंबूचौड़ निवासी पूरन डबराल को हाथी ने कुचलकर मार डाला था। तब से वहां लोगों में हाथी को लेकर दहशत बनी हुई है।
