सिंचाई योजनाओं का नहीं मिल रहा लाभ

अंब (ऊना)। उपमंडल अंब में 65 फीसदी कृषि योग्य भूमि को सिंचाई सुविधा नहीं मिल रही है। किसान कर्ज में डूबते जा रहे हैं। हर साल खेतों को पर्याप्त सिंचाई पानी न मिलने के चलते किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान झेलना पड़ रहा है। सरकार के नुमाइंदों ने आज दिन तक खेतों को सिंचाई योजना का लाभ पहुंचाने के लिए कोई कारगर नीति नहीं बनाई है। जहां सिंचाई योजनाएं स्थापित की गई हैं, वह भी अब ठप पड़ी हैं। ऐसे में किसानों की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। राष्ट्रीय किसान मोर्चा अध्यक्ष ठाकुर सीता राम का कहना हैं कि वोट बैंक की राजनीति के लिए सरकारें स्कीमें स्थापित कर वोट ले लेती हैं, लेकिन सिंचाई व्यवस्था अभी तक सुनिश्चित नहीं हो पाई है। क्षेत्र के बडूही, भैंरा, टकारला, ठठल, कुठियाडी, अंब, नंदपुर, शिवपुर, भंजाल, गोंदपुर बनेहड़ा, अमलैहड़ आदि जगहों पर सिंचाई के लिए स्कीम की स्थापना सरकार की ओर से की गई है, लेकिन आज तक खेतों में पानी पहुुुुंचाने के लिए कूहल का निर्माण महज खाना पूर्ति साबित हुई है। उधर, किसान ठाकुर होशियार सिंह, महेंद्र सिंह, राज ठाकुर धीमान, प्रमोद ठाकुर, राजेंद्र चौधरी, कर्मदेव चौधरी का कहना है कि हर वर्ष प्रशासन एवं विभाग मौसम एवं बजट का बहाना बना कर पल्ला झाड़ लेते हैं, लेकिन किसानों के हित के लिए पूर्ण सिंचाई व्यवस्था लागू नहीं हो पाई है। यदि सरकार ने उनके हितों के बारे में न सोचा तो उन्हें मजबूरन सड़क पर उतरना पड़ेगा। जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन एवं विभाग की होगी। उधर, आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता हरेंद्र भारद्वाज का कहना है कि कई पंचायत क्षेत्रों से किसान की मांग कूहलें बनाने को लेकर आई हैं, जिसके लिए प्रस्ताव सरकार को भेजा जा चुका है। विभाग की ओर से स्वीकृति मिलने के बाद कूहलों का निर्माण कार्य जल्द पूरा करवाया जाएगा।

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