
लठियाणी (ऊना)। उपमंडल बंगाणा के कई स्थानों पर अवैध खनन ने सैकड़ों किसानों की उपजाऊ भूमि को नुकसान पहुंचाया है। यह गोरखधंधा लोगों के लिए नासूर बना हुआ है। बरसात के दिनों में यह समस्या और भी विकराल हो सकती है। खनन के कारण खड्डों के साथ लगते किसानों के खेतों के बहने का खतरा पैदा हो गया है। सरकार और विभाग की कोशिशों के बावजूद लोग इस धंधे को बंद करने को तैयार नहीं हैं। अब डुमखर के बाशिंदों ने स्वयं ही खनन माफिया से निपटने की तैयारी कर ली है। ग्रामीणों में सुरेंद्र कुमार, श्रीधर शर्मा, हरनाम सिंह, केसर सिंह, जोग राज, मूलराज, मेहर सिंह ढिल्लों, मास्टर राजेंद्र कुमार, सुमन शर्मा, हेम राज, अमृत लाल, मथुरा दास, हंस राज, अशोक कुमार, कमल कुमार, देश राज, राजो देवी, नीलमा कुमारी का कहना है कि पुलिस अथवा खनन विभाग अवैध खनन पर अंकुश लगाने में नाकाम रहे हैं। तर्क है कि विभागों को अवैध खनन की सूचना देने के बाद की जाने वाली कार्रवाई से पहले खनन माफिया अपना बोरिया-बिस्तर बांध कर रफूचक्कर हो जाता है। अवैध खनन के बारे में कई बार अधिकारियाें को अवगत करवाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने कहा कि जब खनन करने वालों को खनन करने से रोका जाता है तो वह लड़ाई-झगड़े पर उतारू हो जाते हैं। इन झगड़ों के दौरान कई लोगों को चोटेें भी आई हैं। इसके बावजूद पुलिस खनन माफिया पर कोई ठोस कदम नहीं उठाती है। ग्रामीणों ने खनन माफिया से निपटने के लिए स्वयं ही बीड़ा उठाने का निर्णय लिया। उन्हाेंने फैसला किया है कि उनकी मलकीयती भूमि से कोई भी ट्रैक्टर, बजरी, पत्थर या रेत उठाता हुआ पकड़ा गया तो उसे उपायुक्त के सामने पेश किया जाएगा। यदि इस दौरान किसी को भी चोटें आती हैं तो इसके लिए प्रशासन उत्तरदायी होगा।
उधर, बंगाणा के थाना प्रभारी रामदास कौशल का कहना है कि पुलिस हर समय लोगों के साथ खड़ी है। किसी को भी यदि खनन की सूचना मिलती है तो उन्हें संपर्क करें, माफिया को कतई बख्शा नहीं जाएगा।
