पीने के पानी से सींचे जा रहे खेत

कुल्लू। गर्मी के चलते जलस्रोतों में आई पानी की गिरावट के बाद अब पानी की चोरी भी होने लगी है। आलम यह है कि लोगों को पीने का पानी दूर दराज के क्षेत्रों से ढोकर लाना पड़ रहा है। इसके अलावा कुछ लोग पेयजल लाइनों के बीच से पानी निकालकर अपने खेतों की सिंचाई कर रहे हैं। इस कारण लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है।
लोगों ने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग से इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। जिला कुल्लू के लोग गर्मी की तपिश से बेहद परेशान हैं। घाटी के प्राकृतिक जलस्रोतों में पानी कम होता जा रहा है। आईपीएच महकमे की तरफ से दी जा रही पानी की सप्लाई बीच रास्ते में ही गायब हो जा रही है। लोगों को पीने और खाना बनाने के लिए पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रहा। कई किलोमीटर दूर नदी-नालों से लोगों को पानी ढोना पड़ रहा है।
कुल्लू घाटी के कुछ सब्जी उत्पादक भी पानी की चोरी को अंजाम दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि रात होते ही उत्पादक आईपीएच की पाइप लाइन को तोड़कर इस कार्य को अंजाम दे रहे हैं। खराहल घाटी के बुद्धि सिंह, बीरवल, राम चंद, संजीव, विनोद और हेमराज ने कहा कि गर्मी के मौसम में खराहल घाटी में भारी किल्लत रहती है। कुछ सब्जी उत्पादक भी पानी का दुरुपयोग कर रहे हैं। इसके अलावा मणिकर्ण घाटी के अमर, ओम प्रकाश, मान चंद तथा दियार घाटी के भोला राम ने कहा कि क्षेत्र में लोग पेयजल लाइनों के साक्ट और यूनियन को निकालकर रातभर खेतों को सींच रहे हैं। ग्रामीणों ने विभाग से आग्रह किया है कि इस तरह के कार्य को अंजाम देने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई करें।
आईपीएच के अधिशासी अभियंता उपेंद्र वैद्य ने बताया कि अगर कोई पाइप लाइनों को तोड़ता हुआ पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। ऐसे लोगों के पानी के कनेक्शन तक काटने का प्रावधान है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि इस तरह की शिकायतें विभाग में दर्ज करवाएं।

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