
भल्याणी (कुल्लू)। कुल्लू की जमीन पर जल्द ही देव संसद सजेगी। मुख्यालय से सटी लगघाटी के धर्मसौह में लगने वाली इस देव संसद में देवता पाप के विनाश तथा धर्म के संरक्षण पर चिंतन करेंगे। शालंग के समीप होने वाली इस संसद का आगाज वीरवार को होगा। आज शाम सात नारायण देवताओं के अतिरिक्त शालंग के थान देवता अपने देवलुओं तथा हारियानों सहित संसद में भाग लेने के लिए धर्मसौह में पहुंच जाएंगे। संसद की अध्यक्षता नारायण अवतार (कान्हा) करेंगे। सत्र के दौरान देवलुओं, हारियानों तथा श्रद्धालुओं को देव बारिश होने की भी आस है।
धर्मसौह में देव संसद की कार्रवाई देखने के लिए सैकड़ों लोगों का हजूम उमड़ेगा। कान्हा के गूर मेहर चंद ठाकुर ने कहा कि श्रीकृष्ण सत्र की अध्यक्षता करेंगे। इसके अतिरिक्त पंचाली नारायण, अगला ग्रामंग के त्रिजुगी नारायण, पिछला ग्रामंग के हुरंग नारायण टंडारी, फलाणी नारायण फलान, गौहरी देवता थाच, माता फूंगणी तिऊण तथा विशेष आमंत्रित सदस्य थान देवता शालंग सत्र में भाग लेंगे। कान्हा के पूर्व कारदार रूम सिंह नेगी ने बताया कि इस दौरान कान्हा अपनी बहन फूंगणी माता से भी मिलेंगे।
नारायण ने कुल्लू में रखा था पहला कदम
सेवानिवृत्त जिला भाषा अधिकारी सीता राम ठाकुर के अनुसार नारायण ने जब पृथ्वी पर पदार्पण किया था तो उन्होंने अपना पहला कदम इसी धर्म सौह में रखा था। शिक्षाविद् बाला राम ठाकुर के अनुसार तब से इस स्थान को धर्मसौह का नाम दिया गया। ठाकुर के अनुसार आपात स्थिति में भी देव आदेश पर इस संसद का आयोजन देव आदेशानुसार किया जाता है।
