
नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली नगर निगम की सोमवार को हुई बैठक में पार्षदों ने पार्किंग के मामले में राजस्व बढ़ाने के लिए तो कई सुझाव दिए, लेकिन उन्हें अपनी और अपने परिजनों की गाड़ियों से पार्किंग फीस लेना रास नहीं आया। नई जगहों पर पार्किंग शुरू करने के लिए तो उन्होंने जोर दिया, लेकिन अपने इलाकों में चल रही पार्किंग बंद करने की मांग की।
बैठक में राजधानी की पार्किंग व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई। दो पार्षदों ने काफी देर तक पार्किंग सिस्टम में खामियां गिनाने के बाद कहा कि पार्किंग वाले उनकी पत्नी और बेटे की गाड़ी की ही नहीं, बल्कि खुद उनकी गाड़ी का भी शुल्क लेते हैं। वे पार्षद हैं, ऐसे में उनकी और उनके परिजनों की गाड़ियों की पार्किंग फीस लेना गलत है। इस बीच दो-तीन पार्षदों ने पूरी उत्तरी दिल्ली में पार्किंग का जाल बिछाने पर जोर देते हुए अपने इलाके में चल रही पार्किंग बंद करने की मांग की। चर्चा के दौरान तीन-चार पार्षदों ने खुद को तेज-तर्रार दिखाने के फेर में पार्किंग से प्राप्त होने वाले राजस्व के गलत आंकड़े पेश कर दिए। उधर, कांग्रेस पार्षदों ने पार्किंग व्यवस्था पर चर्चा में अधिकारियों की जमकर तारीफ की और भाजपा पार्षदों की खिंचाई करने का कोई मौका नहीं छोड़ा।
