
नादौन (हमीरपुर)। सोमवार सुबह सवेरे चली तेज हवाओं ने आम की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। बारिश के कारण कुछ राहत तो मिली लेकिन दोपहर बाद फिर गर्मी ने रूप दिखाना शुरू कर दिया। इस बार आम की फसल वैसे भी पिछली बार की तुलना में कम थी। सोमवार सुबह चली तेज हवाओं ने आम की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। आम के सीजन में लोगों को आचार, मुरब्बे के लिए आम मिलना तो दूर चटनी के लिए भी आम उपलब्ध नहीं हो पाएंगे। आम उत्पादक किसानों ने नुकसान की भरपाई के लिए अपर हिमाचल में सेब की तर्ज पर उन्हें भी राहत राशि दिए जाने की मांग उठाई।
आम उत्पादक किसानों, बागवानों ध्रुव परमार, किशोरी लाल, नरेश कुमार, सुनील कुमार, प्यार चंद, राजकुमार, प्रीतम चंद, धर्मसिंह आदि ने बताया कि आमों की पैदावार दो साल में एक बार ही होती है और पिछले वर्ष आम की बंपर फसल होने के कारण इस वर्ष पेड़ों पर नाममात्र के ही आम लगे हुए थे। कम मात्रा में लगे आमों का अच्छा मूल्य मिलने की आशा में पेड़ों के नीचे ही तंबू तानकर पहरा दे रहे थे लेकिन तेज तूफान ने आशाओं पर पानी फेर दिया है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मांग की कि नुकसान का आंकलन करवाकर उन्हें सरकार की ओर से राहत राशि देने के आदेश दिए जाएं।
