
शक्तिफार्म। आधा-अधूरा भूमिधरी अधिकार मिलने से क्षुब्ध जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने केएमवीएन अध्यक्ष किरन मंडल का घिराव कर रोष जताया। आरोप लगाया कि भूमिधरी के नाम पर यहां के लोगों को गुमराह किया गया है। मंडल ने फोन पर सीएम बहुगुणा से वार्ता करने के बाद लोगों को समस्या के निदान का आश्वासन दिया।
बंगाली कल्याण समिति के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रविंद्रनाथ सरकार के नेतृत्व में ग्राम प्रधान, जनप्रतिनिधि और काश्तकारों ने केएमवीएन अध्यक्ष मंडल का घिराव कर आरोप लगाया कि शक्तिफार्म के पट्टाधारकों को दिए गए भूमिधरी अधिकार छलावा साबित हुआ है। वर्ग नौ के तहत दिए गए भूमिधरी अधिकार से बैंकों से ऋण, जमीनों की रजिस्ट्री व न्यायालयों में जमानत नहीं मिल पा रही है। सीएम की घोषणा के बावजूद खरीदी, बेची गई जमीन को भूमिधरी के दायरे में नहीं लाया गया है।
कहा कि क्षेत्रीय विधायक होने के बावजूद मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा यहां की समस्याओं के निदान के प्रति गंभीर नहीं हैं। किरन मंडल ने मुख्यमंत्री से फोन पर वार्ता की। सीएम ने 16 जून को कैबिनेट की बैठक में इन समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। घिराव करने वालों में शीतल दे, सुनील हालदार, कालीपद महालदार, मधुसूदन सरकार, रविंद्र बाईन, सुरेश सरकार, मनोहर तिवारी, गोपाल सरकार, शंकर मंडल, जीके मंडल, विष्णु प्रमाणिक, दिनेश दास, प्रियजीत राय, तुषार राय, रिपुसूदन मंडल, पवित्र बावली आदि थे।
