
अंब (ऊना)। उपमंडल की 51 पंचायतों में पेयजल योजना का लाभ महज 45 प्रतिशत लोगों को ही मिल पा रहा है। ज्यादातर पंचायत क्षेत्र में स्कीमों की स्थापना की गई है। फिर भी शत-प्रतिशत लोगों तक पानी अभी तक विभाग नहीं पहुंचा पाया है। टकारला पंचायत में 1500 की आबादी के लिए 6 साल बाद भी पाइप लाइन नहीं बिछ पाई है। लोग अब भी खेतों में लगे कुओं से पानी ढोने को मजबूर हैं। प्राम्ब पंचायत के लिए विभाग के पास बजट तो है, लेकिन आज तक उन्हें स्कीम स्थापित करने को जगह नहीं मिल पाई।
एसके शर्मा, बलराज, मदन, किशन चंद, बलबीर, सुमन का कहना है कि प्रशासन को जल्दी फैसला लेकर लोगों को राहत पहुंचानी चाहिए। चक्क निवासी राजकुमार, सोहन लाल, राजेश कुमार, सुदर्शन त्याई निवासी केवल कृष्ण, कृष्णा सिंह, राजेश्वर सिंह, मनु, हेमलता, रपोह मिसरां निवासी मुकेश, बलदेव, अभय, वीर प्रताप, कौशल का कहना है कि विभाग की ओर से स्कीम तो स्थापित की गई है लेकिन ऊपरी क्षेत्र में स्थित घरों तक पानी की एक बूंद तक नहीं पहुंचती। कर्मचारियों को इस बारे में शिकायत की गई है। हर बार वह यह कहकर टाल देते हैं कि मोटर की क्षमता के अनुसार सप्लाई दी जा रही है। कुछ जगहों पर दिन के 12 बजे के बाद सप्लाई आने की सूचना है। ऐसे में लोगों को मजबूरन सुबह के समय दूर-दराज क्षेत्रों से पानी दूर से लाना पड़ता है। उधर, आईपीएच विभाग के अधिशाषी अभियंता हरेंद्र भारद्वाज का कहना है कि लोगों की समस्या उनके ध्यान में आई है। जिन स्थलों पर ज्यादा क्षमता की मोटर की आवश्यकता है, वहां जांच करवाकर मोटरों को बदला जाएगा। जहां तक सवाल है प्राम्ब पंचायत की स्कीम का है तो जैसे ही प्रशासन जमीन उपलब्ध करवाएगा, स्कीम की स्थापना कर जल्द चालू कर दिया जाएगा।
