
नई दिल्ली:(वीरेन्द्र खागटा ) इस साल ट्रांस्पैरेंसी इंटरनेशनल (टीआईआई) द्वारा जारी भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक (सीपीआई) में 176 देशों में भारत 94वें स्थान पर है। अत्यधिक भ्रष्ट राष्ट्रों की सूची में भारत को शून्य से 100 (अत्यंत पाक-साफ) के पैमाने पर 36 अंक प्राप्त हुए हैं।
टीआईआई के उपाध्यक्ष एस.के. अग्रवाल ने बुधवार को समाचार एजेंसी आईएएनस को बताया कि पिछले वर्ष भारत 183 देशों की सूची में 95वें स्थान पर था। लेकिन कार्यपद्धति में सुधार के कारण सीपीआई-2011 से इस साल के रैंकिंग की तुलना नहीं की जा सकती। भारत को 2011 में भी 36 अंक हासिल हुए थे।
अग्रवाल ने कहा, ‘‘सीपीआई-2012 के लिए किए गए इस सर्वेक्षण में सार्वजनिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार के स्तरों के आधार पर देशों को रैंकिंग दिया गया है। इसमें शासन व व्यापारिक वातावरण में विशेषज्ञता रखने वाले 10 स्वतंत्र आकड़ा स्रोतों का इस्तेमाल किया गया है।’’
इस साल की रैंकिंग में सोमालिया, उत्तर कोरिया और अफगानिस्तान आठ अंकों के साथ सर्वाधिक भ्रष्ट देश माने गए हैं। डेनमार्क, फिनलैंड और न्यूजीलैंड 90 अंकों के साथ सबसे कम भ्रष्ट देशों की सूची में शामिल हैं।
इस साल 39 अंक हासिल कर चीन भ्रष्टाचार के मामले में भारत से थोड़ी बेहतर स्थिति में है, जबकि 27 अंक के साथ पाकिस्तान नीचे की रैंकिंग में है।
