
सुलयाली (कांगड़ा)। पुलिस थाना नूरपुर के तहत ठेहड़ पंचायत के गांव सिंबली का निवासी हंसराज तीन दिन बाद पंजाब के डेरा ब्यास में मिला। हंसराज शनिवार को सिंबली से लापता हो गया था। इसे नूरपुर पुलिस ने पंजाब के डेरा ब्यास से ढूंढ लिया। सदवां क्षेत्र में फर्नीचर की दुकान करने वाला हंसराज 25 मई शनिवार रात से लापता था। मंगलवार दोपहर लगभग 12 बजे लापता हंसराज का फोन आया। फोन में ही हंसराज ने बताया कि वह (डेरा ब्यास) पंजाब में है तथा उसे शीघ्र ही आकर ले जाओ। हंसराज के परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचित किया। थाना प्रभारी बृज मोहन शर्मा के नेतृत्व में पुलिस की टीम डेरा ब्यास में हंसराज को लेने पहुंच गई। पुलिस को दिए ब्यान में हंसराज ने बताया कि 25 मई की रात जब बह अपनी दुकान बंद कर घर को जा रहा था तो रास्ते में एक कार सड़क के किनारे उसके नजदीक आकर रुकी। उस कार की फ्रंट सीट पर एक महिला तथा उसके साथ कुछ लोग बैठे थे। हंसराज के अनुसार कार में बैठे लोगों ने उसको पीछे से पकड़ा तथा उक्त महिला ने उसकी बाजू पर इंजेक्शन लगा दिया जिससे वह बेहोश हो गया। हंसराज का कहना है कि जब उसे होश आया तो उसने देखा कि वह गाड़ी एक सुनसान क्षेत्र में खड़ी की गई है तथा उसका अपहरण करने वाले लोग गाड़ी से थोड़ी दूर आपस में बातचीत कर रहे थे। हंसराज ने कहा कि उसके पास लगभग 36 हजार रुपए थे जो गायब थे। वह गाड़ी से भाग कर पास की झाड़ियों में जाकर छिप गया। उसके बाद वह सुनसान रास्ते में लगातार भागता गया लेकिन रास्ते में उसे कोई भी कस्बा नहीं मिला। हंसराज के अनुसार वह दो दिन भूखे पेट पैदल चलता रहा। रास्ते में एक गुरुद्वारे में उसने अपनी प्यास बुझाई तथा वहां से उसे कुछ पैसे मिले। इससे उसने अपने परिजनों को फोन किया। थाना प्रभारी बृज मोहन शर्मा ने बताया कि हंसराज के अपहरण मामले की पूरी छानबीन की जा रही है। अपहरण के कारणों तथा अपहरणकर्ताओं का पता लगाया जाएगा।
