
धर्मशाला। पंचायत संसाल के वार्ड पंच को मनमर्जी से काम करना महंगा पड़ा है। पंचायती राज विभाग ने लगातार बैठकों से अनुपस्थित रहने पर पंचायत संसाल के वार्ड पंच को पद से हटा दिया गया है। वार्ड पंच ने 18 बैठकों में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करवाई है। इस वजह से वार्ड में विकास कार्य सिरे नहीं चढ़ पाए। स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस बारे में पंचायती राज विभाग को सूचित किया था।
उसके बाद विभाग ने वार्ड पंच के खिलाफ जांच शुरू की। जांच में वार्ड पंच बैठकों में अनुपस्थित रहने के बारे में अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाया। इस कारण अब महकमे ने वार्ड पंच को पद से हटा दिया है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वार्ड पंच ने समय-समय पर आयोजित हुईं 18 बैठकों में भाग नहीं लिया। शिकायत मिलने के बाद वार्ड पंच को 18 अप्रैल 2013 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उसके बाद वार्ड पंच ने 16 मई को नोटिस का जवाब दिया। जवाब संतोषजनक न होने के कारण पंचायती राज विभाग ने मामले को उपायुक्त कार्यालय भेजा था। जिलाधीश कांगड़ा ने पंचायती राज एक्ट की धारा 131 के तहत कार्रवाई करते हुए वार्ड पंच को पद से हटा दिया है। उधर, जिला पंचायत अधिकारी राजेंद्र कुमार ने इसकी पुष्टि की है।
