
हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश मेडिकल रिपरजेंटेटिव एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकम शर्मा ने कहा कि दवा प्रतिनिधि अपनी मांगों को लेकर 28 जून को लेबर कमिश्नर कार्यालय शिमला में धरना प्रदर्शन करेंगे। प्रदेश सरकार के दवा प्रतिनिधि भी प्रदर्शन करेंगे और अपनी मांगों को लेकर लेबर कमिश्नर को ज्ञापन सौंपेंगे।
हमीरपुर में पत्रकार वार्ता के दौरान हुकम शर्मा ने कहा कि नए शोध को डाक्टरों के माध्यम से जनता तक पहुंचाते हैं लेकिन इसके बावजूद उनके काम करने का समय और न्यूनतम वेतन निर्धारित नहीं है। अस्पतालों में चिकित्सकों से मिलने नहीं दिया जाता है। सरकार अस्पतालों में डाक्टरों के न होने से मरीजों की परेशानी का ठीकरा दवा प्रतिनिधियों के सिर फोड़ती है। दवा प्रतिनिधियों द्वारा डाक्टरों का समय बर्बाद करने का हवाला दिया जाता है। जबकि वास्तविकता ये है कि अधिकतर अस्पतालों में स्पेशलिस्ट नहीं हैं। प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य मंत्री से मांग की कि श्रम कानूनों के अनुसार दवा प्रतिनिधियों का काम करने का समय आठ घंटे निश्चित किया जाए और उनका न्यूनतम वेतन 10 हजार रुपए घोषित किया जाए। दवा प्रतिनिधियों को पहचान पत्र जारी किए जाएं और सेल्स प्रमोशन कर्मचारी की श्रेणी घोषित की जाए।
पांच राज्यों में श्रम श्रेणी निर्धारित नहीं है। इसके चलते दवा प्रतिनिधियों को न्यूनतम मानदेय नहीं मिल रहा है। आगामी 28 जून को एसोसिएशन के सभी दवा प्रतिनिधि मांगों को लेकर शिमला में हल्ला बोलेंगे। उनके साथ उपप्रधान प्रकाश ठाकुर, प्रदीप शर्मा, जगदीश ठाकुर, पुष्पेंद्र, विनय, डा. कश्मीर सिंह और सीटू जिलाध्यक्ष जोगेंद्र सिंह मौजूद रहे।
