कहीं हजारों तो कहीं 500 लीटर पानी नहीं

बिलासपुर। गर्मी के मौसम में जरूरत से अधिक पानी का भंडारण परेशानी का सबब बन गया है। कहीं हजारों लीटर पानी का भंडारण हो रहा है तो कहीं 500 लीटर भी नहीं मिल रहा है। अवैध तरीके से टुल्लू पंप लगाकर सीधा पानी लिफ्ट करने से पानी की आपूर्ति प्रभावित हो गई है। डियारा सेक्टर, मेन मार्केट, गांधी मार्केट, धौलरा मार्केट और रौड़ा में इन दिनों पानी की सबसे ज्यादा कमी चल रही है। अन्य सेक्टरों में भी पानी नियमित रूप से नहीं आ रहा है। लगभग 15000 की आबादी वाले बिलासपुर शहर में रोजाना लगभग 40 लाख लीटर पानी की डिमांड है। नियमानुसार प्रति व्यक्ति 120 लीटर पानी की सप्लाई होनी चाहिए। विभाग का दावा है कि आपूर्ति पूरी की जा रही है। लेकिन, फिर भी शहर में पानी की कमी क्यों चल रही है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो सीधा टुल्लू पंप लगाने से कुछ क्षेत्रों में यह समस्या आ रही है। नियमानुसार एक मकान में 2000 लीटर से अधिक पानी का भंडारण नहीं किया जा सकता। लेकिन, पानी कम होने के कारण पानी का भंडारण करना लोगों की मजबूरी बन गया है। शहर में कई ऐसे भी इलाके हैं पांच-पांच हजार लीटर की टंकियां लगाकर पानी का भंडारण हो रहा है। उस पर टुल्लू पंप ने तो पानी का घोर संकट पैदा कर दिया है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुनील गुप्ता कहा कि बाजार पानी की भारी किल्लत है।

कोट
डिमांड के अनुसार पानी की सप्लाई तय समय पर की जा रही है, लेकिन टुल्लू पंप लगाने के कारण कई इलाकों में आपूर्ति घट रही है। कुछ रोज पहले दो टुल्लू पंप भी जब्त किए गए हैं। इसके लिए टीम बनाई गई है। नियमानुसार 2000 लीटर से अधिक पानी स्टोर नहीं किया जा सकता। टुल्लू पंप लगाता हुआ कोई पकड़ा गया तो उसका कनेक्शन काटा जाएगा।
– सुखराम चौधरी सहायक अभियंता आईपीएच।

गर्मी में पेयजल सबकी जरूरत है। गर्मी के साथ पानी की मांग भी बढ़ गई है। लिहाजा, विभाग को चाहिए कि सबको बराबर पानी मिले।
-रजनी शर्मा, अध्यक्ष नगर परिषद बिलासपुर।

शहर के डियारा, रौड़ा और बाजार में सबसे ज्यादा दिक्कत है। इसके लिए आईपीएच से हर वार्ड में कम से कम दो-दो हैंडपंप लगाने की मांग की गई है। उनके अनुसार पाइप लाइन से सीधा टुल्लू पंप लगाने से कई बार लोगों को दिक्कत हो रही है।
-कमलेंद्र कश्यप, उपाध्यक्ष नगर परिषद बिलासपुर।

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